Delhi NCR में चीनी मांझा बैन सख्त: हादसों के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Delhi NCR में Chinese manjha पर लगे प्रतिबंध को और सख्त कर दिया गया है, क्योंकि हाल ही में इससे जुड़ी चोटों और घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में सिंथेटिक, नायलॉन या ग्लास-कोटेड मांझा के इस्तेमाल और बिक्री पर 11 जुलाई 2017 को National Green Tribunal (NGT) द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से सख्त रोक है। इस प्रतिबंध को दिल्ली सरकार द्वारा अगस्त 2023 में दोहराया गया था, जिसमें उल्लंघन करने वालों को 5 साल तक की कैद और ₹1 लाख तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। 11 अगस्त 2026 को उत्तम नगर में मोटरसाइकिल चला रहे 32 वर्षीय व्यवसायी को आवारा चीनी मांझा की चपेट में आने से गर्दन पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
चीनी मांझे के बढ़ते खतरे और आंकड़े
इस खतरनाक पतंग की डोर के कारण दुखद परिणाम सामने आए हैं। uniindia.com द्वारा रिपोर्ट किए गए Delhi Police के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 1 मौत और 15 से अधिक घायलों के बाद, अकेले 2026 में 2 मौतें और 10 लोग घायल हुए हैं। इंसानों को नुकसान के अलावा, Delhi Fire Service ने जनवरी से जुलाई 2026 के बीच मांझे में फंसने के कारण 1,548 पक्षियों को बचाया, और पिछले वर्षों में अगस्त के दौरान ऐसी कॉल्स में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। BSES और Tata Power Delhi Distribution Limited सहित पावर डिस्कॉम ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन से पहले एडवाइजरी जारी की है, जिसमें इलेक्ट्रोक्यूशन, उपकरणों को नुकसान और व्यापक बिजली व्यवधान के जोखिमों के कारण मेटल-कोटेड या चीनी मांझे का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी गई है।
पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारियां
Delhi Police विभिन्न जिलों में अपना सघन अभियान जारी रखे हुए है। प्रतिबंधित चीनी मांझा रखने और बेचने के आरोप में सेंट्रल दिल्ली में 10 अगस्त 2026 को पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से प्रतिबंधित धागे की 45 रीलें बरामद की गईं। दिल्ली सरकार और अन्य एजेंसियों द्वारा समर्थित इन प्रयासों का उद्देश्य इस खतरनाक प्रथा पर अंकुश लगाना और public safety को बढ़ाना है।