दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी घरों की मांग हुई तेज, जानिए मकानों की कीमतों और नए बारापुला फ्लाईओवर की पूरी जानकारी

दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली अपनी भव्यता, आलीशान बंगलों और प्रीमियम आवासीय क्षेत्रों के लिए जानी जाती है, जो शहर की व्यस्त जीवनशैली से अलग एक शांत माहौल प्रदान करते हैं। अपने ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व के अलावा, यह क्षेत्र अब लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में एक बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है।ASSOCHAM-Knight Frank की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में साल 2015 से 2025 के बीच मकानों की कीमतों में 193 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में अब खरीदारों का रुझान भी पूरी तरह बदल रहा है।बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि साल 2018 में 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली संपत्तियां बाजार का केवल 18 प्रतिशत हिस्सा थीं। वहीं, साल 2026 की पहली छमाही तक इस सेगमेंट के बढ़कर 84 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान बाजार के एक दूसरे पहलू पर भी ध्यान गया है।कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रियल एस्टेट रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद में इसके बिल्कुल विपरीत रुझान सामने आया है। गाजियाबाद में पिछले एक साल के दौरान औसत प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 17 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 की आखिरी तिमाही में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।नोएडा, गुरुग्राम और दिल्ली के बाकी हिस्सों में हालांकि जमीनों और मकानों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।बुनियादी ढांचे का विकास प्रॉपर्टी की कीमतों को बढ़ाने में सबसे बड़ा कारक साबित हो रहा है।दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने 19 सितंबर 2026 को बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर के जल्द उद्घाटन की घोषणा की थी।केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 29 सितंबर 2026 को किया जाना तय किया गया है।यह नया फ्लाईओवर खुलने के बाद मयूर विहार फेज-1 से एम्स तक का सफर सिग्नल-फ्री हो जाएगा, जिससे यातायात बेहतर होगा और लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।यह प्रोजेक्ट मूल रूप से साल 2017 में पूरा होना था लेकिन कई कारणों से इसमें देरी हुई और इसकी कुल लागत बढ़कर लगभग 1,635 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।