दिल्ली-एनसीआर में खूनी संपत्ति विवाद: तीन मामलों में पुलिस जांच तेज, कई गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में संपत्ति के विवादों को लेकर हुई हत्याओं के मामलों में पुलिस तेजी से जांच कर रही है। 22 सितंबर 2026 तक ऐसे तीन प्रमुख मामलों की पुलिस जांच कर रही है, जिनमें संपत्ति विवाद के कारण जानलेवा हमले हुए हैं। इन मामलों में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कालकाजी और तुगलकाबाद में संपत्ति विवाद में मौत
कालकाजी इलाके में 19-20 सितंबर की रात को 42 साल के प्रॉपर्टी डीलर मनजीत सिंह (बंटी) की मौत के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के अनुसार, यह विवाद निर्माण और बालकनी बढ़ाने को लेकर था, जिसमें एमसीडी का नोटिस भी जांच का हिस्सा है। इस घटना में मनजीत के भाई दिलबाग सिंह भी घायल हुए थे। पुलिस ने राजेंद्र सिंह (राज्जी), उनकी पत्नी और दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांचवां आरोपी अभी फरार है। वहीं दूसरी घटना में, तुगलकाबाद गांव के छुरीया मोहल्ला में 50 गज के प्लॉट को लेकर हुए विवाद के बाद 21 सितंबर की शाम को 55 साल के इलेक्ट्रीशियन असफर हुसैन की मौत हो गई। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस परिवार के सदस्यों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच कर रही है, जो फरार हैं।
सरिता विहार के realtor युवराज सिंह हत्याकांड की जांच
इसके अलावा, सरिता विहार के 31 साल के रियलटर युवराज सिंह मनचंदा की मौत के मामले में भी जांच चल रही है। मनचंदा 11 सितंबर को लापता हुए थे और उनका शव 8 सितंबर के आसपास हुई मौत के बाद 10 सितंबर को बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सहकर्मियों अन्य वत्स और संयम सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया है और अपराध में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है। इस हत्या का मुख्य कारण ग्रेटर नोएडा में 4 करोड़ रुपये का संपत्ति विवाद और अगस्त का 1.2 करोड़ रुपये से जुड़ा धोखाधड़ी का मामला बताया जा रहा है। अन्य वत्स ने दावा किया है कि उन्होंने पहले पीड़ित को 1 करोड़ रुपये दिए थे, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल सभी आरोपी पांच दिन की पुलिस हिरासत में हैं।