दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: बच्चों की सेहत को लेकर AIIMS ने जारी की चेतावनी
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' हो गया है। AIIMS ने बच्चों की सेहत को लेकर जारी की एडवाइजरी, स्कूलों में खेल गतिविधियों पर लगी रोक।

दिल्ली-NCR में जहरीली हवा और स्मॉग का असर अब बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के विशेषज्ञों ने अभिभावकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों के फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है, क्योंकि उनके अंग अभी विकसित हो रहे होते हैं और वे वयस्कों की तुलना में अधिक तेजी से सांस लेते हैं, जिससे जहरीली हवा उनके शरीर में ज्यादा गहराई तक पहुंचती है।
3 नवंबर 2026 की सुबह 8 बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 330 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी, पंजाबी बाग, अलीपुर, बवाना, जहांगीरपुरी, विवेक विहार और नरेला जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' स्तर तक पहुंच गया है।
सावधान रहें और इन लक्षणों पर नजर रखें
AIIMS के विशेषज्ञों ने माता-पिता को सलाह दी है कि यदि बच्चों में घरघराहट (wheezing), लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टरी सलाह के बाजार से मिलने वाली दवाओं का इस्तेमाल न करें, बल्कि तुरंत पीडियाट्रिशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करें।
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में नवंबर और दिसंबर 2026 के दौरान शारीरिक खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इसके अलावा, 1 नवंबर से निर्माण कार्यों पर रोक और BS-VI मानकों को पूरा न करने वाले बाहरी वाहनों पर पाबंदी जैसे उपाय लागू किए गए हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को सुबह जल्दी और देर शाम को बाहर ले जाने से बचें और प्रदूषण बढ़ने पर घर की खिड़कियां बंद रखें।