दिल्ली-NCR में 2040 तक बंद होंगी पेट्रोल-डीजल गाड़ियां, एक्सपर्ट कमेटी ने दिया प्रस्ताव

अगर आप दिल्ली या एनसीआर में रहते हैं और पेट्रोल या डीजल गाड़ी चलाने का प्लान कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा गठित एक एक्सपर्ट कमेटी ने प्रदूषण से लड़ने के लिए एक बड़ा और कड़ा रोडमैप तैयार किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, साल 2040 तक दिल्ली-NCR क्षेत्र से पेट्रोल और डीजल वाहनों को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है। हालांकि, अभी यह केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है, लेकिन कमेटी की सिफारिशें काफी चौंकाने वाली हैं।
कमेटी ने 'जीरो-टेलपाइप एमिशन' (ZTE) वाहनों की ओर बढ़ने के लिए एक चरणबद्ध योजना बनाई है। सबसे बड़ा बदलाव 1 जनवरी 2031 से देखने को मिल सकता है, क्योंकि कमेटी ने इस तारीख से नए पेट्रोल और डीजल चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इस बदलाव को आसान बनाने के लिए कार कंपनियों (OEMs) के लिए भी टारगेट तय किए गए हैं। प्रस्ताव है कि 2027 तक नई कारों की बिक्री में 20% इलेक्ट्रिक गाड़ियां होनी चाहिए, जो 2028 में 45%, 2029 में 70% और 2030 तक 100% हो जानी चाहिए।
पुरानी गाड़ियों पर कसेगा शिकंजा, मिलेगा चार्जिंग का अधिकार
सिर्फ नई गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सड़क पर दौड़ रही पुरानी गाड़ियों के लिए भी डेडलाइन तय की गई है। कमेटी के मुताबिक BS-I, BS-II और BS-III मानक वाली गाड़ियों को तुरंत हटाने की जरूरत है। इसके बाद BS-IV गाड़ियों को 2030 तक, BS-VI टू-व्हीलर्स को 2035 तक और BS-VI फोर-व्हीलर्स को 2040 तक हटा दिया जाएगा। एक खास बात यह भी है कि इन पुरानी गाड़ियों को किसी दूसरे क्षेत्र में ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं देने की सलाह दी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कमेटी ने 'राइट टू चार्ज' कानून लाने का सुझाव दिया है, जिससे EV मालिकों को अपनी पार्किंग में चार्जिंग पॉइंट लगाने की कानूनी सुविधा मिलेगी। साथ ही, पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (स्क्रैप) कर इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वालों को इंसेंटिव देने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा, सर्दियों के लिए संशोधित ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और सोनीपत जैसे इलाकों में स्टेज-III के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल लाइट मोटर वाहनों पर पाबंदी रहेगी। साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू किया गया है, यानी बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के गाड़ियों को ईंधन नहीं मिलेगा।