प्रदूषण का कहर: दिल्ली-NCR के 53% अभिभावकों ने की 'स्मॉग हॉलिडे' की मांग
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच 53% अभिभावकों ने स्कूलों में 'स्मॉग ब्रेक' की मांग की है। जानें क्या है मौजूदा स्थिति।

दिल्ली-NCR में जहरीली हवा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। हवा की क्वालिटी इतनी खराब हो गई है कि अब बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता काफी चिंतित हैं। हाल ही में LocalCircles द्वारा किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं, जिसमें 53% अभिभावकों ने मांग की है कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए 10 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक स्कूलों में एक 'कॉमन स्मॉग ब्रेक' यानी छुट्टियां घोषित की जानी चाहिए।
यह सर्वे करीब 38,000 लोगों के बीच किया गया, जिसमें दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता जताई गई। हालांकि, सर्वे में शामिल 47% लोगों का मानना है कि स्कूल तभी बंद होने चाहिए जब हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच जाए या सुरक्षा की तय सीमा को पार कर ले। गौरतलब है कि 4 नवंबर 2026 को औसत AQI 555 के स्तर तक पहुंच गया था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
GRAP के नियम और स्कूलों की वर्तमान स्थिति
अभिभावकों की इस मांग के बावजूद, फिलहाल दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम या गाजियाबाद में स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन क्लास शुरू करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। वर्तमान में ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज II लागू है, जिसमें स्कूलों को बंद करने का प्रावधान नहीं है। आमतौर पर स्कूल तब बंद होते हैं जब GRAP का स्टेज III या IV लागू किया जाता है।
फिलहाल दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DoE) ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत स्कूलों को निम्नलिखित कदम उठाने को कहा गया है:
- धूल को रोकने के लिए खुले इलाकों में पानी का छिड़काव करना।
- क्लासरूम में वेंटिलेशन का बेहतर इंतजाम करना और हरियाली बढ़ाना।
- कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
- पटाखों और कचरा जलाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना।
- प्रदूषण के पीक समय के दौरान पीटी ड्रिल और मॉर्निंग असेंबली जैसी बाहरी शारीरिक गतिविधियों को पूरी तरह बंद रखना।