दिल्ली-NCR में बढ़ता प्रदूषण: पेरेंट्स ने की 10-15 नवंबर तक 'स्मॉग ब्रेक' की मांग
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच माता-पिता ने 10 से 15 नवंबर तक स्कूलों में 'स्मॉग ब्रेक' की मांग की है। जानें क्या है पूरा मामला।

दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच, क्षेत्र के हजारों माता-पिता ने अब एक अनोखी मांग की है। वे चाहते हैं कि प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए 10 नवंबर से 15 नवंबर के बीच स्कूलों में एक अनिवार्य 'स्मॉग ब्रेक' (Smog Break) दिया जाए ताकि बच्चों को जहरीली हवा से बचाया जा सके।
यह मांग एक हालिया सामुदायिक सर्वेक्षण के बाद उठी है, जिसे LocalCircles द्वारा दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में आयोजित किया गया था। इस सर्वे में करीब 38,000 स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया। सर्वे के नतीजों से पता चला है कि 53% माता-पिता mid-नवेम्बर के दौरान स्कूलों में ब्रेक लगाने के पक्ष में हैं। वहीं, 47% लोगों का मानना है कि स्कूल तभी बंद होने चाहिए जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक खास 'गंभीर' स्तर तक पहुंच जाए।
ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर और मौजूदा नियम
सर्वेक्षण में एक और चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि 74% माता-पिता फिजिकल क्लासेस को पूरी तरह बंद करने के पक्ष में हैं, यदि स्मॉग ब्रेक लागू किया जाता है। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने पूरे क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज II की पाबंदियां लागू कर रखी हैं। हालांकि, नियम यह है कि स्कूलों को बंद करना या ऑनलाइन लर्निंग की ओर बढ़ना आमतौर पर GRAP के स्टेज III या स्टेज IV में ही किया जाता है। फिलहाल, दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश प्रशासन या किसी भी जिला मजिस्ट्रेट की ओर से स्कूलों को बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल सभी स्कूल सामान्य रूप से चल रहे हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी बदलाव के लिए अपने स्कूल प्रशासन और सरकारी अपडेट्स पर नजर रखें।