नॉन-बीएस-वीआई वाहन प्रतिबंध: दिल्ली-एनसीआर के 57% लोगों ने व्यवस्था को बताया बेहद खराब
लोकलसर्कल्स के सर्वे में 57% दिल्ली-एनसीआर निवासियों ने नॉन-बीएस-वीआई वाहनों पर लगे प्रतिबंध के कार्यान्वयन को खराब बताया है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए लागू किए गए नॉन-बीएस-वीआई (Non-BS-VI) वाहन प्रतिबंधों को लेकर आम जनता में काफी नाराजगी है। लोकलसर्कल्स द्वारा किए गए एक ताजा सर्वे में यह बात सामने आई है कि दिल्ली-एनसीआर के 57 प्रतिशत निवासी इन प्रतिबंधों के कार्यान्वयन के तरीके से नाखुश हैं और उन्होंने इसे "खराब" या "बहुत खराब" श्रेणी में रखा है। सर्वे में शामिल 18,243 लोगों में से केवल 15 प्रतिशत ने ही इन उपायों को "अच्छा" या "बहुत अच्छा" बताया है।
सर्वे में शामिल करीब 43 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में प्लानिंग की भारी कमी रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने प्रतिबंध लागू करने से पहले जनता को पर्याप्त जानकारी नहीं दी, जिसकी वजह से सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है।
विंटर एक्शन प्लान के तहत लागू हैं कड़े नियम
यह प्रतिबंध दिल्ली सरकार के 'विंटर एक्शन प्लान' का एक अहम हिस्सा हैं, जो 1 नवंबर 2026 से लागू किए गए हैं और 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेंगे। इन नियमों के मुताबिक, दिल्ली के बाहर से आने वाले वे वाहन जो बीएस-वीआई (BS-VI) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इस फैसले का सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे पड़ोसी शहरों के 10 लाख से अधिक वाहनों पर पड़ा है।
नियमों की सख्ती से निगरानी के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। बॉर्डर चेकपॉइंट्स पर एआई-पावर्ड सर्विलांस और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के साथ-साथ फिजिकल इंस्पेक्शन टीमें तैनात की गई हैं।
हालांकि, बीएस-वीआई वाहनों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सीएनजी से चलने वाले ट्रांसपोर्ट को छूट दी गई है, लेकिन सभी के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) होना अनिवार्य है। पेट्रोल पंपों पर भी "नो पीयूसी, नो फ्यूल" का नियम सख्ती से लागू है। राहत की बात यह है कि एम्बुलेंस, फायर टेंडर और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों को इन प्रतिबंधों से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। किसी भी सहायता या जानकारी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 011-25844444 और 1095 जारी किए हैं।