दिल्ली-एनसीआर में 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा नो पीयूसीसी नो फ्यूल नियम, वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक कड़ा कदम उठाया गया है। 1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर के 35 जिलों में 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' (No PUCC, No Fuel) नियम लागू किया जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा की गई इस घोषणा के अनुसार, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी नहीं बेची जाएगी। यह नीति दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली जैसे शहरों में लागू होगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर 2026 को बुराड़ी में एक स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ATS) के उद्घाटन के दौरान इस पहल की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार इस नियम का पालन कराने के लिए एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाएगी। वैध प्रमाण पत्र के बिना चलने वाले वाहनों पर 10,000 रुपये का जुर्माना और तीन महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन हो सकता है। हालांकि, चिकित्सा आपात स्थिति, कानून प्रवर्तन और आपदा प्रतिक्रिया अभियानों के लिए इस नियम से छूट दी जा सकती है।
ईंधन स्टेशनों पर इस नियम को लागू करने के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और मोबाइल ऐप आधारित सत्यापन प्रणाली लगाई जा रही है जिससे डिजिटल वैधता की जांच की जा सके। यदि किसी वाहन का पीयूसीसी अमान्य पाया जाता है, तो ईंधन देने वाली मशीनें अपने आप बंद हो जाएंगी या कर्मचारियों द्वारा सेवा से इनकार कर दिया जाएगा। प्रशासन ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे 30 सितंबर 2026 तक अपने प्रमाण पत्र की स्थिति की जांच कर उसका नवीनीकरण करा लें।