दिल्ली-NCR में अब नहीं लगेगा टोल जाम, बिना रुके निकलेंगे वाहन
दिल्ली-NCR में अब टोल पर नहीं रुकने होंगे वाहन। MLFF सिस्टम से बिना रुके कटेगा टोल और घटेगा ट्रैफिक जाम। जानें पूरी डिटेल।

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। शहर के टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा दिलाने के लिए अब दिल्ली NCR टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नगर निगम दिल्ली (MCD) जल्द ही 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रहा है, जिससे कमर्शियल वाहनों को टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और वे अपनी रफ्तार बनाए रखते हुए आगे बढ़ सकेंगे।
इस आधुनिक सिस्टम में RFID टैग, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों और रडार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टोल प्लाजा से फिजिकल बूम बैरियर हटा दिए जाएंगे। जब गाड़ियां बिना रुके निकलेंगी, तो न केवल समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी।
20 जगहों से होगी शुरुआत, 2026 तक पूरा होगा लक्ष्य
शुरुआती चरण में इस व्यवस्था को 20 लोकेशन पर लागू किया जा रहा है, जिनमें नेशनल हाईवे पर स्थित 12 टोल प्लाजा शामिल हैं। गाजीपुर और बदरपुर बॉर्डर पर इसके लिए निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। MCD का लक्ष्य है कि अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 156 टोल पॉइंट्स पर इस सिस्टम को लगाया जाए।
इस प्रोजेक्ट के लिए 'सहकार ग्लोबल' नाम की कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च उठा रही है, हालांकि इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से एनओसी (NOC) ली जानी है। उम्मीद है कि नवंबर 2026 तक यह पूरी तरह चालू हो जाएगा, जबकि अक्टूबर 2026 के अंत तक नेशनल हाईवे के 9 प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर बैरियर-फ्री इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा।
वहीं, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने निजी वाहनों के लिए भी एक अच्छी खबर दी है। 1 नवंबर 2026 से, जो लोग टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं, वे रियायती सालाना FASTag पास बनवा सकते हैं। इसके लिए शुल्क इस प्रकार होगा:
- नगर पालिका सीमा के बाहर: 1,500 रुपये सालाना।
- शहर की सीमा के भीतर: 3,000 रुपये सालाना।
ध्यान रहे कि यह पास केवल उसी विशेष टोल प्लाजा के लिए होगा जहाँ से इसे जारी किया गया है और यह उन रूटों पर लागू नहीं होगा जहाँ सर्विस रोड की सुविधा पहले से मौजूद है।