दिल्ली-NCR और मेरठ में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर (NCR) और कई नजदीकी शहरों में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस अनुमान के तहत क्षेत्र में व्यापक बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे दैनिक जीवन और कृषि गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन और नागरिक सतर्क हो गए हैं।
दिल्ली में मौसम का हाल और तापमान
दिल्ली के लिए सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं भारी दौर की संभावना जताई गई है, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। शाम या रात के समय हल्की बारिश जारी रह सकती है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस (कुछ स्रोतों के अनुसार 39 डिग्री सेल्सियस तक) तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस (या 32 डिग्री सेल्सियस तक) के आसपास रह सकता है। शहर में वर्तमान में तापमान 27°C के साथ आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और बारिश की 17-18% संभावना है।
नोएडा, गुरुग्राम और मेरठ में बारिश का अनुमान
नोएडा में भी 7 अगस्त को बारिश और तेज हवाओं की तैयारी है, जहां अपेक्षित तापमान अधिकतम 33°C से न्यूनतम 26°C के बीच रहने की उम्मीद है। गुरुग्राम में आंधी के साथ भारी बारिश का अनुमान है; वर्तमान स्थिति में 27°C पर बादल छाए हुए हैं, अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 27°C, 91% आर्द्रता और 94 का मध्यम Air Quality Index दर्ज किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिन के दौरान भारी बारिश और उसके बाद रात में हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जहां दिन का तापमान 27°C से 28°C के बीच है और बारिश की 60% संभावना है। AccuWeather के अगस्त 2026 के मासिक पूर्वानुमानों के अनुसार इन शहरों में औसत दैनिक अधिकतम तापमान 28°C से 36°C और न्यूनतम तापमान 23°C से 29°C के बीच रहेगा। IMD ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मेरठ में भारी बारिश के लिए अपनी चेतावनी को बढ़ाया है।
देश के अन्य राज्यों में अलर्ट और किसानों के लिए सलाह
IMD ने 7 अगस्त के लिए कुल 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक भारी बारिश और आंधी-तूफान के अलर्ट का विस्तार किया है, जिसमें कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (landslides) के लिए विशिष्ट चेतावनियां शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को फसल के नुकसान को रोकने के लिए अपने खेतों से किसी भी जमा हुए अतिरिक्त पानी को तुरंत प्रबंधित करने और निकालने की सलाह दी गई है। यह चेतावनी कृषि और जनजीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी गई है।