दिल्ली-NCR में भारी बारिश ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, पारा गिरा

दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को मौसम ने अचानक करवट ली और जोरदार बारिश ने शहर को भिगो दिया। यह बारिश इतनी तेज थी कि इसने अक्टूबर महीने के पिछले चार सालों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। सुबह से ही शुरू हुई इस मूसलाधार बारिश ने न केवल मौसम को ठंडा किया, बल्कि लोगों को गर्मी से बड़ी राहत भी दिलाई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग वेधशाला में सुबह 8:30 बजे तक 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। अक्टूबर में इतनी भारी बारिश आखिरी बार 9 अक्टूबर 2022 को देखी गई थी, जब करीब 74 मिमी बारिश हुई थी। शहर के अलग-अलग इलाकों की बात करें तो रिज़ क्षेत्र में सबसे ज्यादा 49 मिमी बारिश हुई, जबकि लोधी रोड पर 41.4 मिमी, आयानगर में 39 मिमी और पालम में 31 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में गिरावट और AQI में सुधार
इस भारी बारिश का सीधा असर तापमान पर पड़ा है। न्यूनतम तापमान गिरकर 18.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। बारिश की वजह से दिल्ली की हवाओं में भी सुधार देखा गया और औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 83 रहा, जिसे 'संतोषजनक' श्रेणी में रखा गया है, हालांकि आनंद विहार जैसे इलाकों में यह 116 तक दर्ज किया गया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुरुआत में दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया था, जिसमें बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, सुबह 11 बजे तक इसे घटाकर 'येलो अलर्ट' कर दिया गया। बारिश की वजह से झंडेवालन मंदिर जैसे इलाकों में भारी जलभराव हुआ और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
मौसम की इस अनिश्चितता के बीच दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें। वहीं, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम की चेतावनी जारी की गई थी। राहत की बात यह है कि अगले छह दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है।