दिल्ली-NCR में हवा हुई खराब, GRAP स्टेज 1 लागू: अब तंदूरों में नहीं जलेगा कोयला

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में हवा हुई खराब, GRAP स्टेज 1 लागू: अब तंदूरों में नहीं जलेगा कोयला

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण का साया गहरा गया है। वायु गुणवत्ता (AQI) में तेजी से गिरावट आने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर, 2026 को पूरे नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में दिल्ली NCR GRAP स्टेज 1 लागू कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब दिल्ली का AQI पिछले दिन के 179 से उछलकर 244 पर पहुंच गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है।

मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुमानों के मुताबिक, आने वाले कुछ समय तक हवा की गुणवत्ता इसी तरह 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।

इन पाबंदियों का करना होगा पालन, वरना होगी कार्रवाई

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GRAP स्टेज 1 के तहत अब होटलों, रेस्टोरेंट्स और ढाबों के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब इन्हें बिजली या गैस जैसे स्वच्छ ईंधन का ही उपयोग करना होगा। इसके अलावा, डीजल जनरेटरों का इस्तेमाल केवल आपातकालीन सेवाओं के लिए ही किया जा सकेगा। खुले में कचरा या बायोमास जलाने वालों पर भी सख्त पाबंदी लगाई गई है।

निर्माण कार्यों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन साइट्स को धूल नियंत्रण नियमों का पालन करना होगा। खास तौर पर 500 वर्ग मीटर से अधिक के निजी प्रोजेक्ट्स के लिए अनुमोदित डस्ट कंट्रोल प्लान होना अनिवार्य है। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए उन ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा जाएगा, जिन्हें दिल्ली के अंदर नहीं जाना है। साथ ही, अंतरराज्यीय बसों के लिए उत्सर्जन मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

प्रशासन ने 1 नवंबर, 2026 से कुछ और नए नियम लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, जो 28 फरवरी, 2027 तक प्रभावी रहेगा (हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों और DMRC पार्किंग को इससे बाहर रखा गया है)। 1 नवंबर से बिना PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। साथ ही, ट्रैफिक कम करने के लिए एमसीडी और राज्य सरकार के कार्यालयों में वर्क-फ्रॉम-होम या स्टैगर्ड वर्किंग आवर्स (अलग-अलग समय पर काम) की व्यवस्था की जाएगी।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण एक पुरानी समस्या रही है, लेकिन इस साल GRAP-1 पिछले तीन सालों के मुकाबले देरी से लागू हुआ है। फिलहाल सरकार का पूरा जोर धूल कम करने और वाहनों के उत्सर्जन की निगरानी करने पर है।

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