दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए लागू हुआ नया नियम, अब पहले से होगी सख्ती

दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया है, जो प्रदूषण नियंत्रण प्रतिबंधों को पहले से लागू करने की अनुमति देता है। इस नए नियम के तहत, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक स्तर तक पहुंचने का इंतजार किए बिना ही मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर कदम उठाए जा सकते हैं। यह जानकारी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा दी गई है। यह बदलाव पिछले नियमों से अलग है, जिसमें कार्रवाई करने से पहले एक्यूआई के खराब होने का इंतजार किया जाता था।
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) द्वारा 28 सितंबर 2026 को अपनी 30वीं बैठक में इस संशोधित योजना को मंजूरी दी गई थी। इस नई योजना में गंभीरता के चार चरणों में बांटे गए 48 विशेष उपाय शामिल किए गए हैं। सीएक्यूएम के तकनीकी सदस्य एसडी अत्री ने बताया कि नवंबर 2025 के बाद से इस ढांचे में यह पहला बड़ा और व्यापक बदलाव किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन्नत मौसम डेटा का उपयोग करके प्रदूषण को समय से पहले रोकना है।
इस संशोधित जीआरएपी के तहत कई कड़े नियम लाए गए हैं, जिनमें पड़ोसी राज्यों से आने वाले गैर-बीएस-VI डीजल और पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध शामिल है। 500 वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण कार्यों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर जुर्माना जल्दी लगाया जाएगा। प्रदूषण की स्थिति में सुधार के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक समान दृष्टिकोण अपनाने के वास्ते ये सभी उपाय पूरे क्षेत्र में लागू होते हैं।