दिल्ली-NCR में AQI 300 के पार, GRAP-1 लागू; नियमों की अनदेखी पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में हवा की क्वालिटी तेजी से बिगड़ी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 300 के पार जाने और 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रशासन ने अब GRAP-1 (Graded Response Action Plan) को लागू कर दिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इन नए नियमों की घोषणा की है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर 10,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम और नई पाबंदियां
सरकार ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। 1 नवंबर 2026 से अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा, हालांकि दिल्ली मेट्रो (DMRC) की पार्किंग इसमें शामिल नहीं होगी। इसके साथ ही, 30 नवंबर तक बाहरी इलाकों में तोड़फोड़ (demolition) की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और सरकारी दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है।
प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने अन्य महत्वपूर्ण उपाय भी किए हैं:
- औद्योगिक कार्रवाई: मंत्री सिरसा के अनुसार, अब तक लगभग 3,000 प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सील किया जा चुका है।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: सड़कों की री-कार्पेटिंग का काम शुरू किया गया है और जाम से होने वाले उत्सर्जन को रोकने के लिए AI-आधारित ट्रैफिक सिस्टम तैनात किया गया है।
- PUCC अनिवार्य: 1 अक्टूबर 2026 से 'नो PUCC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू है, जिसमें ऑटोमेटेड कैमरों के जरिए बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ईंधन देने से रोका जा रहा है।
- वाहन प्रतिबंध: 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक BS-IV वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।
- वर्क फ्रॉम होम: सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए 50% वर्क-फ्रोम-होम अनिवार्य किया गया है।
पर्यावरण मंत्री ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं और खुद एंटी-स्मॉग गन व वॉटर मिस्ट सिस्टम का निरीक्षण किया है। वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव स्टार्टअप्स के साथ मिलकर तकनीक आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग समाधानों पर काम कर रहे हैं ताकि राजधानी की हवा को सुधारा जा सके।