दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ा, GRAP-1 लागू: बिना PUC गाड़ी चलाने पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की क्वालिटी तेजी से बिगड़ रही है। हवा में बढ़ते जहर को देखते हुए प्रशासन ने 21 अक्टूबर 2026 से पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में दिल्ली एनसीआर जीआरएपी-1 (GRAP-1) के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने लिया है, क्योंकि दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'मध्यम' श्रेणी से फिसलकर 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया है।
आंकड़ों की बात करें तो 20 अक्टूबर को AQI 179 था, जो 21 अक्टूबर की दोपहर 2 बजे तक बढ़कर 244 हो गया। सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सुबह 9 बजे ही AQI 233 दर्ज किया गया था, जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए GRAP-1 के नियमों को लागू कर दिया गया। यह नियम तब लागू होते हैं जब AQI 201 से 300 के बीच होता है।
इन नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य, वरना होगी कार्रवाई
प्रशासन ने प्रदूषण को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनका उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा:
- वाहनों पर सख्ती: अब केवल BS-VI डीजल, CNG और इलेक्ट्रिक बसों को ही अंतरराज्यीय यात्रा की अनुमति होगी। सबसे जरूरी बात यह है कि हर गाड़ी के पास वैध PUC सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। अगर आपके पास PUC नहीं है, तो पेट्रोल पंप वाले आपको ईंधन देने से मना कर सकते हैं और ट्रैफिक पुलिस आप पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।
- निर्माण कार्यों पर नजर: 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण और तोड़-फोड़ वाले स्थलों को अब एक वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और धूल रोकने के पुख्ता इंतजाम करने होंगे।
- तंदूर और ईंधन: होटलों और रेस्टोरेंट्स में कोयले या लकड़ी के तंदूरों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। अब केवल बिजली या गैस आधारित उपकरणों का ही उपयोग किया जा सकेगा।
- कचरा प्रबंधन: सड़कों पर कचरा या सूखे पत्तों को जलाने पर पूरी तरह रोक है। नगर निगम की टीमें मशीनाइज्ड स्वीपिंग और पानी के छिड़काव का काम तेज कर देंगी।
पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने पुष्टि की है कि संशोधित GRAP शेड्यूल को लागू कर दिया गया है ताकि स्थिति और ज्यादा खराब न हो। गुरुग्राम नगर निगम सहित अन्य क्षेत्रीय निकायों ने भी अपनी टीमें तैनात कर दी हैं।
मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में ही बनी रहेगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रेड लाइट पर इंजन बंद रखें, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें और किसी भी तरह के प्रदूषण उल्लंघन की शिकायत '311', 'ग्रीन दिल्ली' या 'Sameer' ऐप के जरिए करें।