दिल्ली NCR की 'फिटनेस दादियां' सोशल मीडिया के जरिए तोड़ रही हैं पितृसत्ता की बेड़ियां
दिल्ली NCR की बुजुर्ग महिलाएं फिटनेस और सोशल मीडिया के जरिए पुरानी परंपराओं को तोड़कर नई मिसाल पेश कर रही हैं।

अक्सर समाज में यह माना जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान को सिर्फ आराम करना चाहिए और घर की चारदीवारी में सिमट जाना चाहिए। लेकिन दिल्ली NCR की कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है। अब ये दादियां न केवल अपनी सेहत का ख्याल रख रही हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए पितृसत्तात्मक मानदंडों को चुनौती देते हुए दुनिया को बता रही हैं कि उम्र महज एक नंबर है। फिटनेस और डिजिटल दुनिया के इस संगम ने वरिष्ठ नागरिकों के बीच एक नई क्रांति छेड़ दी है।
इन महिलाओं का जुनून केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि वे डांस और हरियाणवी पॉप म्यूजिक जैसे कंटेंट के जरिए अपनी अभिव्यक्ति और व्यक्तिगत आजादी का जश्न मना रही हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल 70 वर्षीय रोशनी देवी सांगवान हैं। रोशनी देवी ने साल 2022-23 के आसपास वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। गठिया (अर्थराइटिस) जैसी समस्या होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने बेटे व ट्रेनर अजय सांगवान के मार्गदर्शन में भारी वजन उठाना शुरू किया। उनकी यह अनुशासनबद्ध जीवनशैली आज कई लोगों के लिए लचीलेपन और साहस का प्रतीक बन गई है।
डिजिटल दुनिया में बढ़ता प्रभाव और प्रेरणा
सिर्फ रोशनी देवी ही नहीं, बल्कि 66 वर्षीय सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर रेनू सिद्धू ने भी अपनी सक्रियता से सबको हैरान किया है। सितंबर 2026 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपनी पोती के साथ कसरत करती नजर आईं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर काफी सुर्खियां बटोरीं और यह संदेश दिया कि फिटनेस की कोई उम्र नहीं होती।
दिल्ली NCR के इस क्षेत्र में अब उम्र बढ़ने की परिभाषा बदल रही है। शारीरिक मजबूती और डिजिटल जुड़ाव के जरिए ये बुजुर्ग महिलाएं समाज की पुरानी उम्मीदों को नकार रही हैं। उनकी यह मुहिम अब एक बड़े समुदाय का रूप ले रही है, जहां अन्य वरिष्ठ नागरिक भी सक्रिय जीवनशैली अपनाने और अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।