दशहरा पर दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा सख्त, सड़कों पर उतरेंगे 13 हजार पुलिसकर्मी

दिल्ली-एनसीआर में दशहरा उत्सव को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 20 अक्टूबर 2026 को होने वाले आयोजनों के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में 13,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा घेरा काफी मजबूत किया गया है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के त्योहार का आनंद ले सकें।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ करीब 10,000 अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों, प्रमुख मंदिरों और आयोजन स्थलों पर तैनात किया गया है। ये जवान चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। वेस्ट दिल्ली के डीसीपी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि शहर के 41 रामलीला मैदानों पर पुलिस की मौजूदगी रहेगी। खास बात यह है कि इन जगहों पर जागरूकता कियोस्क भी लगाए गए हैं, जहाँ लोगों को साइबर धोखाधड़ी, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस बार आईपी एक्सटेंशन में होने वाले दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी पुख्ता इंतजाम
दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य शहरों में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध हैं। गुरुग्राम में 2,200 पुलिसकर्मी 66 रावण दहन स्थलों और 17 धार्मिक जुलूसों की निगरानी करेंगे। यहाँ निगरानी के लिए सर्विलांस सिस्टम और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से 12 मुख्य रावण दहन स्थलों पर एक फायर टेंडर, एक एम्बुलेंस और एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) पटाखों के भंडारण वाले केंद्रों की जांच कर रहा है।
फरीदाबाद में भी 1,200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें क्राइम ब्रांच के सादे कपड़ों में तैनात अधिकारी भी शामिल हैं, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे। भीड़ को देखते हुए एनआईटी और बल्लभगढ़ के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी अंगद मेहता ने कहा कि त्योहार के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए इन व्यापक इंतजामों को करना बेहद जरूरी था।