दिल्ली-NCR में दशहरा 2026 की धूम: पीतमपुरा में रावण के साथ जलाया कॉकरोच का पुतला

Kittu Kumari18 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में दशहरा 2026 की धूम: पीतमपुरा में रावण के साथ जलाया कॉकरोच का पुतला

दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा (विजयादशमी) का पर्व बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस उत्सव पर पूरे शहर में भव्य रामलीलाओं का मंचन हुआ और शाम होते ही रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले धूं-धूं कर जल उठे। इस बार का उत्सव न केवल पारंपरिक था, बल्कि कुछ जगहों पर सामाजिक संदेशों को भी प्रमुखता दी गई।

इस साल के आयोजनों में पीतमपुरा का नजारा सबसे अलग रहा। यहाँ श्री केशव रामलीला समिति ने एक अनोखी पहल करते हुए पारंपरिक पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे एक कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया। समिति के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल ने बताया कि इस कदम का मकसद 'स्वच्छ भारत' और 'स्वच्छ दिल्ली' अभियान के जरिए लोगों में स्वच्छता और हाइजीन के प्रति जागरूकता फैलाना था, न कि कोई राजनीतिक संदेश देना।

इन प्रमुख मैदानों में सजी रौनक

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दिल्ली-NCR में कई जगहों पर भव्य आयोजन हुए, जहाँ हजारों की भीड़ उमड़ी:

  • द्वारका सेक्टर 10: यहाँ द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ने 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला खड़ा किया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
  • लाल किला मैदान: यहाँ की प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में भारी भीड़ देखी गई।
  • अजमेरी गेट: ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पारंपरिक तरीके से उत्सव मनाया गया।
  • अन्य केंद्र: मंडी हाउस का श्रीराम भारतीय कला केंद्र, सुभाष मैदान, दक्षिणपुरी दशहरा मेला (अंबेडकर अस्पताल के पास) और नोएडा स्टेडियम (सेक्टर 21A) में भी शानदार आयोजन हुए। इसके अलावा रोहिणी, जनकपुरी, पंजाबी बाग और शास्त्री पार्क में भी सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। भारी भीड़ को देखते हुए व्यावसायिक वाहनों और डीटीसी बसों के रूट बदले गए थे और लोगों को यात्रा के लिए दिल्ली मेट्रो का उपयोग करने की सलाह दी गई थी।

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को विरोध प्रदर्शनों के लिए आधिकारिक स्थल घोषित किया था। यह फैसला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए एक हफ्ते के प्रदर्शनों के बाद लिया गया था।

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