दिल्ली-NCR में निर्माण कार्यों पर पाबंदी, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा है अवैध काम
दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर पाबंदी है, फिर भी लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में अवैध काम जारी है।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी लगाई है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। दिल्ली NCR निर्माण प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में अवैध रूप से काम चलता देखा गया है। खासकर पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर (H-ब्लॉक) और कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर जैसे क्षेत्रों में निर्माण कार्य जारी हैं, जहां मजदूरों को काम करते और खुले में बिल्डिंग मटेरियल रखा हुआ देखा गया है।
बता दें कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। नियमों के मुताबिक, 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक धूल उड़ाने वाले किसी भी तरह के तोड़फोड़ या बाहरी निर्माण कार्य की पूरी तरह मनाही है। यह प्रतिबंध एक बड़े फ्रेमवर्क का हिस्सा है, जिसके तहत 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक ऐसी गतिविधियों पर रोक रहेगी, जबकि 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच इसे और भी अधिक सख्त कर दिया जाएगा।
GRAP स्टेज 2 लागू, वर्क फ्रॉम होम के निर्देश
हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंचने के बाद CAQM ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज 2 लागू कर दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली और इसके पांच पड़ोसी जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर—में सरकारी और निजी कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) की सुविधा दें ताकि सड़कों पर भीड़ और उत्सर्जन कम हो सके।
हालांकि, इस पाबंदी से हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर्स और बिजली लाइनों जैसे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को अलग रखा गया है। साथ ही रेलवे, मेट्रो, अस्पताल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जरूरी प्रोजेक्ट्स को भी इस बैन से छूट दी गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन उपायों की अहमियत पर जोर दिया है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।