दिल्ली-NCR में बिगड़ी हवा: विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लागू, GRAP के तहत कड़े प्रतिबंध शुरू

30 सितंबर, 2026 को दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता अलग-अलग स्तरों पर रही। दिल्ली का AQI आज तक के अनुसार 171 और इंडिया टुडे के अनुसार डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 152 दर्ज किया गया। IQAir ने इसे 188 बताकर 'अस्वास्थ्यकर' श्रेणी में रखा, जबकि AQICN.org ने भी 30 सितंबर की रात 1 बजे हवा को 'अस्वास्थ्यकर' बताया।
- दिल्ली का AQI 29 सितंबर को 103 था।
- नोएडा में AQI 65 से 83 और गाजियाबाद में 30 से 74 के बीच रहा, लेकिन वसुंधरा में यह 105 था।
- CAQM ने तत्काल प्रभाव से संशोधित GRAP लागू किया है।
- दिल्ली सरकार ने 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' की घोषणा की है।
- 1 अक्टूबर से 'नो PUCC, नो फ्यूल' अभियान तेज किया जाएगा।
GRAP और विंटर एक्शन प्लान के कड़े नियम
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने AQI स्तरों के आधार पर चार चरणों वाले संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) को लागू किया है। इसके तहत पार्किंग शुल्क में वृद्धि, स्कूलों के लिए हाइब्रिड लर्निंग और कार्यालयों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम जैसी सुविधाएं लागू की जाएंगी। वहीं, दिल्ली सरकार ने 29 सितंबर, 2026 को 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' पेश किया, जिसमें वाहनों के उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों और पार्किंग शुल्क पर सख्त नियंत्रण रखा गया है।
प्रदूषण रोकने के लिए विशेष कदम
इस योजना के तहत तंग सड़कों पर 30 EV-आधारित स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी और IIT दिल्ली के सहयोग से प्रदूषण के स्रोतों का 24 घंटे रीयल-टाइम विश्लेषण किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, कचरे का सही निपटान करने और प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने पुष्टि की कि दिल्ली और केंद्र सरकार क्षेत्रीय प्रदूषण से निपटने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
पिछला रिकॉर्ड और निगरानी संस्थाएं
यह कदम 3 जून, 2025 को शुरू किए गए 25-सूत्रीय कार्ययोजना का हिस्सा है, जो धूल, निर्माण कचरे और औद्योगिक उत्सर्जन पर केंद्रित है। मई 2026 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी रोड डस्ट मैनेजमेंट और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया था। सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 134 दिन 'खराब', 47 दिन 'मध्यम', 47 दिन 'अस्वास्थ्यकर', 29 दिन 'गंभीर' और 14 दिन 'खतरनाक' वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। इस पूरी निगरानी में दिल्ली सरकार, CAQM, CPCB, IIT दिल्ली, स्थानीय निकाय, दिल्ली पुलिस और DMRC शामिल हैं।