दिल्ली-एनसीआर में विंटर एक्शन प्लान और जीआरएपी लागू, AQI के हाल पर ताजा अपडेट

Kittu Kumari30 September 20262 min read1 viewDelhi Local
दिल्ली-एनसीआर में विंटर एक्शन प्लान और जीआरएपी लागू, AQI के हाल पर ताजा अपडेट

दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर 2026 को हवा की गुणवत्ता में लगातार बदलाव देखा गया और विभिन्न स्थानों पर एक्यूआई का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया। आज तक के अनुसार दिल्ली में एक्यूआई 171 दर्ज किया गया, जबकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में रियल-टाइम एक्यूआई 152 रहा। इसके अलावा IQAir ने एक्यूआई 188 दर्ज करते हुए हवा को 'अस्वस्थ' श्रेणी में रखा और 30 सितंबर के लिए 163 तथा 1 अक्टूबर के लिए 153 का अनुमान जताया। AQICN.org ने भी 30 सितंबर को सुबह 1:00 बजे हवा को 'अस्वस्थ' बताया। तुलनात्मक रूप से 29 सितंबर को दिल्ली का एक्यूआई 103 था, जबकि नोएडा में यह स्तर 65 से 83 और गाजियाबाद में 30 से 74 के बीच रहा, हालांकि वसुंधरा में यह 105 दर्ज किया गया था।

मौसम से जुड़े प्रदूषण के खतरे को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तुरंत प्रभाव से संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू कर दिया है, जिसके तहत एक्यूआई के स्तर के आधार पर चार चरणों की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन उपायों में पार्किंग फीस बढ़ाना, स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई के विकल्प देना और दफ्तरों के लिए 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम की नीति शामिल है। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने 29 सितंबर 2026 को अपने 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' की घोषणा की, जिसका मुख्य फोकस वाहनों के धुएं और निर्माण कार्यों पर सख्त नियंत्रण रखना तथा पार्किंग शुल्क बढ़ाना है। इस योजना के तहत संकरी सड़कों पर 30 ईवी-आधारित सफाई मशीनें लगाने और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से प्रदूषण के स्रोतों का 24 घंटे रियल-टाइम विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है। 1 अक्टूबर 2026 से 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' अभियान को भी और तेज किया जाएगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारpooling में हिस्सा लें, कचरे को ठीक से अलग करें और अपने वाहनों का प्रदूषण प्रमाण पत्र ठीक रखें। उन्होंने पुष्टि की कि क्षेत्रीय प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। यह पहल दिल्ली सरकार द्वारा 3 जून 2025 को शुरू की गई 25 सूत्रीय वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्य योजना को आगे बढ़ाती है, जो धूल, निर्माण कचरे, औद्योगिक उत्सर्जन और पर्यावरण की निगरानी पर केंद्रित है। मई 2026 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी सड़क की धूल के प्रबंधन, ट्रैफिक को बेहतर बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर जोर दिया था।

सितंबर 2026 तक के ऐतिहासिक आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली में 134 दिन 'खराब' हवा की गुणवत्ता, 47 दिन 'मध्यम' श्रेणी, 47 दिन 'अस्वस्थ', 29 दिन 'गंभीर' और 14 दिन 'खतरनाक' हवा वाले रहे। इस पूरी निगरानी और सख्ती की प्रक्रिया में दिल्ली सरकार, सीएक्यूएम, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), आईआईटी दिल्ली, स्थानीय नागरिक निकाय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं।

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