दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 'बेहद खराब' श्रेणी में आने पर GRAP-II लागू

Kittu Kumari21 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 'बेहद खराब' श्रेणी में आने पर GRAP-II लागू

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है, जहां क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 325 से 350 के बीच झूल रहा है। मुंडका जैसे इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां PM10 का स्तर 325 µg/m³ और PM2.5 का स्तर 192 µg/m³ तक पहुंच गया है। हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन ने GRAP स्टेज-II के प्रतिबंधों को सख्ती से लागू कर दिया है, जिसके तहत डीजल जनरेटर और पुरानी बसों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।

प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का 'विंटर एक्शन प्लान'

बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक चलने वाला एक व्यापक 'विंटर एक्शन प्लान' तैयार किया है। इस योजना के तहत 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू की जाएगी और दूसरे राज्यों से आने वाले गैर-BS-VI वाहनों पर पाबंदी लगाई जा सकती है। साथ ही, प्रदूषण के चरम स्तर पर पहुंचने की स्थिति में 50% वर्क-from-होम का आदेश देने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार ने 40 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स को ठीक करने के लिए 104 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें निजी कंपनियों की जवाबदेही उनके प्रदर्शन के आधार पर तय की जाएगी।

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दूसरी ओर, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने नगर निगम (MCD) को 31 अक्टूबर तक सड़कों और फुटपाथों से धूल, मलबे और कचरे को साफ करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। पटाखों पर प्रतिबंध 8 नवंबर तक जारी रहेगा।

प्रदूषण के मुख्य कारणों पर नजर डालें तो पराली जलाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मंगलवार को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 4.057% थी, जिसके शुक्रवार तक बढ़कर 8% से 13% होने की आशंका है। पंजाब में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने की घटनाओं में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

स्थानीय स्तर पर प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज हो गई है। MCD, BSES और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीमों ने सादतपुर और करावल नगर में छापेमारी कर आठ अवैध फैक्ट्रियों को सील कर दिया है और उनकी बिजली काट दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का अनुमान है कि कम हवा की गति और गिरते तापमान के कारण अगले छह दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रहेगी।

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