दिल्ली-NCR की हवा हुई बेहद जहरीली, 288 दिनों का सबसे खराब स्तर दर्ज

दिल्ली-NCR की हवा हुई बेहद जहरीली, 288 दिनों का सबसे खराब स्तर दर्ज। 22 स्टेशनों पर प्रदूषण 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR की हवा हुई बेहद जहरीली, 288 दिनों का सबसे खराब स्तर दर्ज

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि अब सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। बुधवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 377 तक पहुंच गया, जो पिछले 288 दिनों का सबसे उच्चतम स्तर है। स्थिति इतनी गंभीर है कि शहर के करीब 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 'सीवियर' (Severe) श्रेणी में प्रवेश कर लिया है, जहां AQI 400 के पार निकल गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मुंडका और आईआईटी दिल्ली जैसे इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां प्रदूषण का स्तर 439 से 456 के बीच दर्ज किया गया है। हवा में घुले इस जहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

GRAP स्टेज II लागू, पुराने वाहनों पर पाबंदी

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प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 2 नवंबर से ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत 1 नवंबर से ही BS-IV और उससे पुराने पेट्रोल व डीजल वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है, जो अब 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। दिल्ली पुलिस और अन्य अधिकारी सीमाओं पर इन नियमों का सख्ती से पालन करवा रहे हैं। इसके साथ ही PUC सर्टिफिकेट की जांच तेज कर दी गई है और डीजल जनरेटर व ढाबों पर ठोस ईंधन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है।

प्रदूषण के मुख्य कारणों पर नजर डालें तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर से 15.5% और पराली जलाने से 20.2% प्रदूषण फैल रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 4 नवंबर तक छह राज्यों में करीब 467 खेत जलाए गए।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, 6 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी रहेगी और 6 से 7 नवंबर के बीच इसके और ज्यादा बिगड़ने की आशंका है। इस संकट से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के विभिन्न हिस्सों में एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं ताकि हवा में मौजूद धूल और कणों को कम किया जा सके।

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