दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: AQI 400 के पार, मौसम में बदलाव की आहट
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। खराब मौसम और पराली जलने से AQI 400 पार कर गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां मौसम करवट ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली NCR वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। 5 नवंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, हवा की क्वालिटी 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
शहर के कई इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है। जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, नरेला और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में AQI का स्तर 400 के आंकड़े को पार कर गया है। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने चेतावनी दी है कि 6 और 7 नवंबर को भी हवा की स्थिति 'बहुत खराब' और 'गंभीर' के बीच बनी रह सकती है।
पराली और स्थानीय उत्सर्जन ने बढ़ाई मुसीबत
प्रदूषण के इस जानलेवा स्तर के पीछे कई कारण हैं। केवल स्थानीय स्तर पर वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और सड़कों की धूल ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी बड़ी वजह बनी हुई हैं। 4 नवंबर को करीब 467 स्थानों पर पराली जलते हुए देखी गई, जिसने दिल्ली की हवा को और जहरीला बना दिया है।
इस संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP-II) के दूसरे चरण को लागू कर रखा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार का पैनल, भारतीय मौसम विभाग (IMD) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के साथ मिलकर हवा की गति और दिशा पर लगातार नजर रख रहा है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
वहीं मौसम की बात करें तो उत्तर भारत में एक नया 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' सक्रिय हो रहा है। हालांकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन मैदानी इलाकों में 8 नवंबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। फिलहाल तापमान 14°C से 30°C के बीच है, लेकिन अगले हफ्ते से इसमें गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे सुबह के समय ठंड और कोहरा बढ़ सकता है।