दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, GRAP-2 के तहत निर्माण कार्यों पर लगी रोक
दिल्ली-NCR में AQI 377 के पार, कई इलाकों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में पहुंची। निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली NCR वायु गुणवत्ता की बात करें तो औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 377 दर्ज किया गया है, जो हवा को 'बहुत खराब' श्रेणी में खड़ा करता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि जहांगीरपुरी, आईआईटी दिल्ली, पंजाबी बाग और मुंडका जैसे 20 से अधिक निगरानी केंद्रों ने 400 से ऊपर का AQI दर्ज किया है, जिसका मतलब है कि यहां की हवा अब 'गंभीर' श्रेणी में आ चुकी है।
प्रदूषण की इस मार से बचने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर से GRAP-2 के कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। अब 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे NCR क्षेत्र में धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसमें हाईवे, फ्लाईओवर और पाइपलाइन जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं।
ऑफिसों में वर्क फ्रॉम होम और गाड़ियों पर सख्ती
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए गुरुग्राम सहित कई इलाकों में सरकारी और निजी कार्यालयों को सलाह दी गई है कि वे अपनी क्षमता 50% तक सीमित रखें या कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) का विकल्प दें। साथ ही, सड़कों पर चलने वाले वाहनों के लिए नियम सख्त कर दिए गए हैं। BS-VI मानकों से कम क्षमता वाले वाहनों और पुराने BS-IV पेट्रोल-डीजल वाहनों के चलने पर पाबंदी लगाई गई है। धूल को कम करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल तेज कर दिया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के मुताबिक, हवा की धीमी गति, गिरता तापमान, वाहनों का धुआं और पराली जलाना (जिसकी हिस्सेदारी करीब 20% है) इस संकट के मुख्य कारण हैं। स्थानीय लोग अब सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को घर के अंदर रहने और बाहर निकलने पर N95 मास्क पहनने की सलाह दी है। वहीं, 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर प्रदूषण और बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केवल 'ग्रीन पटाखों' के इस्तेमाल की अनुमति दी है, वह भी सीमित समय (सुबह 6 से 7 और रात 8 से 10 बजे तक) के लिए।