दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता रिपोर्ट: नोएडा और गाजियाबाद में हवा खराब, सर्दियों के लिए एक्शन प्लान तैयार

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 28 सितंबर 2026 को हवा की गुणवत्ता में काफी अंतर देखा गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 108 दर्ज किया गया, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। नोएडा में पीएम10 का स्तर 32.33 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और पीएम2.5 का स्तर 24.83 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी हवा की स्थिति ऐसी ही 'खराब' रही और वहां AQI क्रमशः 107 और 110 दर्ज किया गया।
इस बीच, दिल्ली में AQI 71 दर्ज किया गया, जिसे 'मध्यम' श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली में स्थानीय स्तर पर हवा की स्थिति में अंतर देखा गया, जहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में यह स्तर 68 और नजफगढ़ के ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेदिक अस्पताल में 13 दर्ज किया गया। ये आंकड़े 23 सितंबर 2026 को दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद सामने आए हैं, जिसके कारण मौसम शुष्क हो गया है और प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 22 सितंबर 2026 के आसपास ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर 300 को पार कर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गया था।
प्रदूषण में मौसमी बढ़ोतरी से निपटने के लिए अधिकारियों ने सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक की अवधि के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 को अंतिम रूप दे दिया है। यह रूपरेखा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा 3 सितंबर 2026 को आयोजित समीक्षा बैठकों के दौरान तैयार की गई थी। इस रणनीति के तहत दिल्ली में बायोमास जलाने, निर्माण धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और अवैध कचरा डंपिंग की निगरानी के लिए 78 उप-मंडलीय टीमों और 256 वार्ड-स्तरीय टीमों को तैनात किया गया है।
क्षेत्रीय स्तर पर कार्रवाई ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के माध्यम से समन्वय द्वारा निर्देशित होती है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकारी पराली जलाने पर कड़े नियमों और वाहनों के उत्सर्जन पर केंद्रित एक विशेषज्ञ समिति की स्थापना सहित अंतर-राज्यीय उपायों पर सहयोग कर रहे हैं।