दिल्ली-NCR में बिगड़ी हवा, एयर प्यूरीफायर पर ई-कॉमर्स साइट्स ने दी भारी छूट
दिल्ली-NCR में AQI बढ़ने से हवा 'खराब' श्रेणी में पहुंची। GRAP स्टेज 1 लागू और ई-कॉमर्स साइट्स पर एयर प्यूरीफायर की सेल शुरू।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण ने दस्तक दे दी है। जैसे ही दिल्ली एनसीआर एयर क्वालिटी 'खराब' श्रेणी में पहुंची, लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने एयर प्यूरीफायर पर भारी डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स देना शुरू कर दिया है, ताकि लोग अपने घरों को जहरीली हवा से बचा सकें।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 229 दर्ज किया गया। हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में हालात और भी ज्यादा गंभीर हैं। मुंडका और उत्तम नगर जैसे क्षेत्रों में AQI 341 तक पहुंच गया, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। वहीं नोएडा, मानेसर और गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता 'खराब' रही, जबकि गाजियाबाद और फरीदाबाद में स्थिति 'मध्यम' दर्ज की गई।
प्रदूषण रोकने के लिए GRAP स्टेज 1 लागू, कड़े नियम शुरू
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज 1 लागू कर दिया है। प्रशासन अब सख्ती से नियमों का पालन करा रहा है। 1 अक्टूबर से ही 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम लागू है। इसके अलावा, 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में उन बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक होगी जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
सरकार ने अन्य कड़े कदम भी उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम के निर्देश।
- पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी।
- 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध।
- 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण कार्यों को पूरी तरह बंद रखने की योजना।
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए एक नई 'इंटीग्रेटेड एटमॉस्फेरिक केमिस्ट्री एंड एरोसोल टॉक्सिसिटी एनालिसिस लेबोरेटरी' (AATAL) का उद्घाटन किया गया है, जो प्रदूषण की सटीक भविष्यवाणी करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि हर नागरिक को 'सांस लेने का अधिकार' मिलना चाहिए। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ ने भी प्रदूषण के कारण अदालती कार्यवाहियों में आने वाली दिक्कतों पर चिंता जताई।
आंकड़ों की बात करें तो 28 अक्टूबर को दिल्ली के कुल प्रदूषण में परिवहन की हिस्सेदारी 19.3% थी, जबकि औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाना और सड़क की धूल अन्य मुख्य कारण रहे। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) को उम्मीद है कि हल्की बारिश से राहत मिल सकती है और नवंबर की शुरुआत तक हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' और 'खराब' के बीच बनी रहेगी।