बारिश और तेज हवाओं के बाद भी दिल्ली-NCR की हवा 'खराब', 1 नवंबर से लागू होंगे कड़े नियम
बारिश और तेज हवाओं के बावजूद दिल्ली-NCR की हवा खराब बनी हुई है। प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से कड़े नियम लागू होंगे।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गुरुवार को जमकर बारिश हुई और तेज हवाएं भी चलीं, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण से राहत नहीं मिली। दिल्ली एनसीआर वायु गुणवत्ता अभी भी 'खराब' (Poor) श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 8 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 227 दर्ज किया गया, जो बाद में बढ़कर 237 तक पहुंच गया।
हवा में PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषकों के रूप में सामने आए हैं। इससे पहले बुधवार को भी AQI 229 से 232 के बीच दर्ज किया गया था, जो यह बताता है कि कुदरती बदलावों के बाद भी प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं आ रहा है। वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 30 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार की तैयारी और पाबंदियां
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से पटाखों पर नियंत्रण के आदेशों के कार्यान्वयन पर सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने सुझाव दिया कि विराट कोहली जैसी मशहूर हस्तियों के जरिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा कि इस साल वे बेहतर तैयारी के साथ हैं और 608 एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक कई सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:
- वाहनों पर रोक: दिल्ली के बाहर से आने वाले गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी होगी, जिससे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों की करीब 10 लाख गाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं।
- ईंधन की पाबंदी: 1 नवंबर से जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा।
- ऑफिस टाइमिंग: सरकारी और निजी कार्यालयों में फिजिकल अटेंडेंस को 50% तक सीमित करना होगा और समय को अलग-अलग स्लॉट (Staggered timings) में बांटना होगा।
- निर्माण कार्यों पर रोक: धूल उड़ाने वाले निर्माण और विध्वंस कार्यों पर 1 नवंबर से पाबंदी रहेगी। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक केवल जरूरी सरकारी प्रोजेक्ट्स को छोड़कर बाकी सभी निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक होगी।
बता दें कि CAQM ने 21 अक्टूबर 2026 को ही ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (Stage-I) को लागू कर दिया था, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।