दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: AQI बढ़ा, सरकार ने कसी कमर

Kittu Kumari5 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: AQI बढ़ा, सरकार ने कसी कमर

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में एक बार फिर हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय बन गई है। 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-NCR वायु गुणवत्ता का स्तर 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी के बीच झूलता रहा। दिनभर में औसत AQI 171 से 187 के बीच दर्ज किया गया, जबकि सुबह 9 बजे यह 197 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, हवा की रफ्तार बढ़ने से इसमें कुछ सुधार देखा गया, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

आंकड़ों पर गौर करें तो 4 अक्टूबर को AQI 187 दर्ज किया गया, जो पिछले 83 दिनों का सबसे उच्चतम स्तर था। शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का असर अलग-अलग रहा। मुंडका में AQI 273 तक पहुंच गया, जबकि मथुरा रोड CRRI और नरेला में यह 257 और जहांगीरपुरी में 237 रहा। राहत की बात केवल दिल्ली कैंटनमेंट रही, जहां AQI सबसे कम 97 दर्ज किया गया। इस बार अक्टूबर की शुरुआत साल 2020 के बाद सबसे अधिक प्रदूषित रही है, जिसमें PM10 मुख्य प्रदूषक के रूप में सामने आया है।

प्रदूषण रोकने के लिए 'नो PUCC, नो फ्यूल' जैसे सख्त नियम

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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कमर कस ली है। अगर AQI 200 के पार जाता है, तो तत्काल प्रभाव से 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया जाएगा। सर्दियों के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं, जिसमें 'नो PUCC, नो फ्यूल' नीति सबसे अहम है। 1 अक्टूबर से करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाया गया है, ताकि बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को ईंधन न दिया जाए।

इतना ही नहीं, 1 नवंबर से उन बाहरी राज्यों के वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा जो BS-6 मानकों को पूरा नहीं करते। CAQM ने सड़क की धूल और निर्माण मलबे से संबंधित 17 उल्लंघन भी पकड़े हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारपूलिंग अपनाएं और कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों से बचें।

हालांकि, पिछले महीने की बात करें तो सितंबर 2026 में हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार देखा गया था, जहां मासिक औसत AQI 102 रहा, जो पिछले पांच वर्षों का सबसे निचला स्तर था। वर्तमान संकट से निपटने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं।

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