दिल्ली-NCR में बारिश से मिली राहत, लेकिन फिर लौट रहा है प्रदूषण; नए प्रतिबंध लागू
भारी बारिश से दिल्ली-NCR की हवा में सुधार हुआ है, लेकिन नवंबर से फिर लागू होंगे कड़े एंटी-पॉल्यूशन नियम और वर्क-फ्रॉम-होम।

दिल्ली-NCR के लोगों के लिए शनिवार की सुबह सुकून भरी रही। भारी बारिश के बाद न केवल तापमान में गिरावट आई, बल्कि दिल्ली एनसीआर वायु गुणवत्ता में भी काफी सुधार देखने को मिला। शनिवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया, हालांकि दिन चढ़ने के साथ यह बढ़कर 179 के स्तर पर पहुंच गया, जिसे 'अस्वास्थ्यकर' माना जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के अलग-अलग इलाकों में हवा की स्थिति अलग-अलग रही। आईआईटी दिल्ली में AQI 73 और बुराड़ी में 80 दर्ज किया गया, जबकि अशोक विहार में यह 104 और आनंद विहार में 116 रहा। दिलचस्प बात यह है कि इस साल अक्टूबर का महीना एक दशक के सबसे साफ महीनों में से एक रहा है, जिसका औसत AQI 167 रहा—जो 2015 के बाद सबसे कम है।
75 साल का टूटा रिकॉर्ड और आने वाले खतरे
प्रदूषण में इस अस्थायी कमी के पीछे मुख्य कारण भारी बारिश रही। शुक्रवार सुबह तक सफदरजंग इलाके में 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस मौसम ने दिल्ली में एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया; अक्टूबर के महीने में अधिकतम तापमान गिरकर 20.7°C तक पहुंच गया, जो 1951 के बाद इस महीने का सबसे ठंडा दिन था।
हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 1 नवंबर से हवा की गुणवत्ता फिर से 'खराब' श्रेणी में जा सकती है और अगले छह दिनों तक यह 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच रह सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 26°C से 28°C और न्यूनतम 15°C से 17°C के बीच रहने का अनुमान है।
प्रदूषण की इस संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त कदम उठाए हैं। CAQM एक्ट, 2021 की धारा 12 के तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर तक कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। इन उपायों में शामिल हैं:
- धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध।
- क्षेत्र के निर्धारित हिस्सों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम की नीति लागू करना।