दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब', GRAP स्टेज II के नियम लागू

दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के बाद GRAP स्टेज II लागू किया गया है। जानें क्या बदलाव होंगे और स्कूलों की क्या स्थिति है।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब', GRAP स्टेज II के नियम लागू

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण ने दस्तक दे दी है। हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट आने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में 2 नवंबर 2026 से दिल्ली एनसीआर प्रदूषण नियंत्रण के लिए 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का स्टेज II लागू कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 331 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों में तो हालात और भी गंभीर हैं, जहां AQI 'गंभीर' स्तर तक पहुंच गया है।

क्या होंगे बदलाव और स्कूलों की क्या है स्थिति?

प्रदूषण बढ़ने के साथ ही कई कड़े कदम उठाए गए हैं, लेकिन अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि दिल्ली-NCR के स्कूल खुले रहेंगे। GRAP स्टेज II के तहत स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर जाने या बंद करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कदम स्टेज III और IV के लिए रखे गए हैं। हालांकि, स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों की बाहरी शारीरिक गतिविधियों को सीमित करें और सुबह की असेंबली को इनडोर (कमरों के भीतर) आयोजित करें।

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प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित उपाय लागू किए हैं:

  • व्यस्त सड़कों पर मैकेनिकल या वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धूल दबाने वाले रसायनों के साथ पानी का छिड़काव होगा।
  • निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किया जा रहा है।
  • दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के सरकारी और नगर निगम कार्यालयों में 'स्टैगर्ड वर्किंग ऑवर्स' (काम के समय में बदलाव) लागू करने के आदेश दिए गए हैं।

इसके अलावा, 1 नवंबर से शुरू हुआ विंटर पॉल्यूशन कंट्रोल प्लान भी प्रभावी है। इसके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। केवल इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI मानकों को पूरा करने वाले वाहनों को ही छूट दी गई है। वर्तमान में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के स्थानीय प्रशासन इन नियमों को सख्ती से लागू करने की निगरानी कर रहे हैं।

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