दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 300 पार होने पर GRAP स्टेज-1 लागू
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 300 के पार पहुंचा। CAQM ने GRAP स्टेज-1 लागू कर कोयले के इस्तेमाल पर लगाई रोक।

देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण ने दस्तक दे दी है। दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता (Air Quality) में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में AQI 300 के पार चला गया है। पिछले 100 दिनों में प्रदूषण का यह सबसे बुरा स्तर है, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर 2026 से पूरे नेशनल कैपिटल रीजन में ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-I को लागू कर दिया है।
प्रदूषण के आंकड़े डराने वाले हैं। 22 अक्टूबर को चांदनी चौक, जहांगीरपुरी और विवेक विहार जैसे इलाकों में AQI क्रमशः 306, 309 और 306 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। गौरतलब है कि 20 अक्टूबर को AQI 179 था, जो 21 अक्टूबर तक बढ़कर 245 पर पहुंच गया और अब यह और भी खराब स्थिति में पहुंच चुका है।
प्रदूषण रोकने के लिए कड़े कदम और पाबंदियां
GRAP स्टेज-I लागू होने के साथ ही अब 25 विशेष एक्शन पॉइंट्स पर सख्ती की जाएगी। इसके तहत होटलों और रेस्टोरेंट्स में कोयले के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, डीजल जनरेटरों के उपयोग पर पाबंदी और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों की निगरानी बढ़ाई गई है। सड़कों की सफाई और डस्ट कंट्रोल के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
CAQM ने इस मामले में दिल्ली नगर निगम को सख्त निर्देश दिए हैं और 31 अक्टूबर 2026 तक सभी नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की समयसीमा तय की है। किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मौसम की बात करें तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में ठंड की दस्तक शुरू हो गई है और न्यूनतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि अधिकतम तापमान 32 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है, लेकिन अक्टूबर के अंत तक इसमें और गिरावट आ सकती है। 27 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
प्रशासन ने 1 नवंबर से आधिकारिक 'विंटर एक्शन प्लान' शुरू करने की तैयारी कर ली है। तब तक नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों के प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) अपडेट रखें और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर विचार करें।