दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुँचते ही GRAP-2 लागू
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI 324 पहुंचा। CAQM ने लागू किए GRAP स्टेज-2 के कड़े प्रतिबंध, अब पार्किंग महंगी होगी।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। 2 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे तक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 324 दर्ज किया गया, जिससे हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में आ गई है। इस सीजन में पहली बार हवा की गुणवत्ता इस स्तर तक गिरी है। हालात इतने गंभीर हैं कि जहांगीरपुरी जैसे कुछ इलाकों में AQI 400 के पार चला गया, जिसे 'गंभीर' श्रेणी माना जाता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुमानों के मुताबिक, मौसम की मौजूदा स्थिति अनुकूल नहीं है। आशंका जताई गई है कि 5 नवंबर 2026 तक वायु गुणवत्ता इसी 'बहुत खराब' दायरे में बनी रह सकती है।
प्रदूषण रोकने के लिए CAQM ने कसी कमर, लागू हुए कड़े नियम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में तत्काल प्रभाव से 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) का स्टेज-2 लागू कर दिया है। इसके तहत निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है। साथ ही, लोगों को सार्वजनिक परिवहन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई गई है और सड़कों पर अतिरिक्त सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें उतारी गई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कार्यदिवसों पर 20 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं चलाने का वादा किया है।
सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को लेकर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। 1 नवंबर से लागू नियम के अनुसार, दिल्ली के बाहर पंजीकृत वे पेट्रोल और डीजल वाहन जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते, उनके प्रवेश पर प्रतिबंध है। हालांकि, इलेक्ट्रिक, सीएनजी और BS-VI वाहनों को इससे छूट दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस प्रतिबंध पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
प्रशासन ने प्रदूषण हॉटस्पॉट पर धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग तेज कर दी है और रोजाना पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा, होटलों, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और डीजल जनरेटर सेटों की निगरानी बढ़ा दी गई है।