दिल्ली-NCR में फिर लौटा प्रदूषण का कहर, GRAP-1 लागू; दफ्तरों में 50% स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता फिर गिरी। CAQM ने GRAP-1 के तहत 50% स्टाफ के लिए वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर रोक के आदेश दिए हैं।

दिल्ली और एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से मिली थोड़ी राहत अब खत्म होती दिख रही है। पिछले 24 घंटों में हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) जो पहले 'संतोषजनक' स्तर पर था, अब वापस 'मध्यम' और कुछ इलाकों में 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया है। बारिश और तेज हवाओं की वजह से AQI करीब 78 तक गिर गया था, लेकिन अब यह तेजी से बढ़कर 222 के स्तर तक जा पहुंचा है। 31 अक्टूबर 2026 को शहर के कुछ हिस्सों में AQI 225 तक दर्ज किया गया, जबकि अन्य जगहों पर यह 192 के आसपास रहा।
प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम और नई पाबंदियां
हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-1 के तहत कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेशों के मुताबिक, अब एनसीआर के सरकारी और निजी दफ्तरों में केवल 50% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, जबकि बाकी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। हालांकि, इस आदेश से जरूरी सेवाओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बाहर रखा गया है। इसके अलावा, धूल और प्रदूषण को कम करने के लिए 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक बाहरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। केवल रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, जल आपूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को ही इससे छूट मिलेगी।
प्रदूषण से निपटने के लिए 1 नवंबर से एक 'विंटर एक्शन प्लान' भी शुरू किया जा रहा है। इसके तहत अब AI-आधारित साइट मॉनिटरिंग की जाएगी और दफ्तरों के समय में बदलाव (staggered timings) किया जाएगा। साथ ही, 31 जनवरी तक गैर-BS-6 वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
हैरानी की बात यह है कि अक्टूबर 2026 का महीना एक दशक के सबसे स्वच्छ वायु गुणवत्ता वाले महीनों में से एक रहा, जिसका औसत AQI 167 था, लेकिन अब यह राहत खत्म हो रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जो सामान्य से काफी कम है। दिल्ली ने सफदरजंग में 20.7 डिग्री सेल्सियस के साथ पिछले 75 वर्षों का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन देखा है। हालांकि, 6 नवंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन पूर्वानुमान बताते हैं कि अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बना रह सकता है।