दिल्ली-NCR में बिगड़ी वायु गुणवत्ता, सरकार ने लागू किए कड़े प्रदूषण नियंत्रण उपाय

Kittu Kumari20 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में बिगड़ी वायु गुणवत्ता, सरकार ने लागू किए कड़े प्रदूषण नियंत्रण उपाय

सर्दियों की दस्तक के साथ ही दिल्ली-NCR में दिल्ली एनसीआर वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को औसत AQI 139 (मध्यम श्रेणी) रहा, लेकिन बल्लभगढ़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम जैसे इलाकों में यह आंकड़ा क्रमशः 248, 205 और 214 तक जा पहुंचा। हालात तब और गंभीर दिखे जब 20 अक्टूबर को नजफगढ़ के ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेदिक अस्पताल में AQI 276 रिकॉर्ड किया गया।

प्रदूषण की इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक्शन मोड में है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने NDMC इलाके का दौरा कर एंटी-स्मॉग गन और वॉटर मिस्ट सिस्टम की तैनाती का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली ने 211 दिन 'अच्छी, संतोषजनक और मध्यम' वायु गुणवत्ता वाले दर्ज किए हैं, जो महामारी वर्ष 2020 को छोड़कर 2016 के बाद का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार के समन्वित प्रयासों को दिया है।

प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने भी सख्ती बढ़ा दी है। 25 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच हुए 124 निरीक्षणों में 55 उल्लंघन पाए गए। वहीं, फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक 28,868 संस्थाओं की जांच की है। कार्रवाई इतनी सख्त है कि पांच औद्योगिक साइटों को बंद कर दिया गया है और 12 यूनिट्स को सील किया गया है। अब 3,000 वर्ग मीटर से अधिक की व्यावसायिक और होटल इमारतों के लिए प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

विंटर एक्शन प्लान के तहत आगामी प्रतिबंध:

  • 1 नवंबर 2026: दिल्ली के बाहर के गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी शुरू होगी।
  • 1 नवंबर से: बाहरी निर्माण कार्यों पर सीमाएं लगाई जाएंगी।
  • 1 नवंबर से 28 फरवरी: वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम और ऑफिस के समय में बदलाव (staggered timings) लागू होगा।
  • 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027: निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

IIT दिल्ली के शोधकर्ता अमित ने चेतावनी दी है कि सर्दियों में खतरनाक स्थितियों से बचने के लिए उत्सर्जन पर अभी से नियंत्रण पाना जरूरी है। वहीं, नरेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने सुझाव दिया है कि निर्माण परियोजनाओं में कम से कम व्यवधान हो, इसके लिए लक्षित नियंत्रण उपायों पर जोर दिया जाना चाहिए।

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