दिल्ली-NCR में समय से पहले लौटा स्मॉग, हवा हुई खराब; AQI में भारी गिरावट

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में सर्दियों के आने से पहले ही स्मॉग की चादर बिछने लगी है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह 7 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 219 दर्ज किया गया, जिससे हवा की गुणवत्ता 'पुअर' यानी खराब श्रेणी में पहुंच गई। पिछले 100 दिनों में यह पहली बार है जब प्रदूषण का स्तर इस हद तक बढ़ा है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरावट और बढ़ेगी और 22 अक्टूबर की सुबह तक AQI 342 तक जा सकता है, जो 'वेरी पुअर' कैटेगरी में आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवा में इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सूखे मौसम और धीमी हवाओं के साथ-साथ स्थानीय उत्सर्जन ने स्थिति को बिगाड़ा है। इसके अलावा, पंजाब और हरियाणा में समय से पहले शुरू हुई पराली जलाने की घटनाओं ने भी आग में घी का काम किया है। आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 13 अक्टूबर 2026 के बीच पराली जलाने के मामले पिछले साल की तुलना में अधिक रहे हैं।
प्रदूषण पर लगाम के लिए नवंबर से लागू होंगे कड़े नियम
हालांकि प्रदूषण बढ़ चुका है, लेकिन कड़े प्रतिबंध अभी लागू नहीं हुए हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 1 अक्टूबर को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों में बदलाव किया था, लेकिन सख्त कदम 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच ही उठाए जाएंगे। इन उपायों में BS-IV वाहनों पर पाबंदी, 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी का सख्ती से पालन और निर्माण कार्यों पर पाबंदियां शामिल हैं। इसी तरह, दिल्ली सरकार का 'विंटर एक्शन प्लान' भी 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।
दिलचस्प बात यह है कि इस गिरावट से पहले दिल्ली की हवा में काफी सुधार देखा गया था। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया था कि 17 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली ने 211 दिन 'अच्छी, संतोषजनक और मध्यम' हवा दर्ज की थी, जो 2020 को छोड़कर 2016 के बाद का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था।
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर गाजियाबाद के मणिपाल अस्पताल के पल्मोनोलॉजी हेड डॉ. नीरज त्यागी ने चेतावनी दी है कि मौसमी स्मॉग फेफड़ों और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। वहीं, IIT दिल्ली के शोधकर्ता अमित ने जोर दिया है कि सर्दियों के पीक सीजन को संभालने के लिए अभी से उत्सर्जन पर नियंत्रण पाना बेहद जरूरी है।