दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI पहुंचा 'अनहेल्दी' लेवल; अब बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, AQI पहुंचा 'अनहेल्दी' लेवल; अब बिना PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण का साया गहरा गया है। 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता (Air Quality) में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे AQI 'अनहेल्दी' श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली का औसत AQI 200 तक जा पहुंचा है, जबकि PM2.5 और PM10 के स्तर क्रमशः 155.31 µg/M³ और 131.54 µg/M³ दर्ज किए गए हैं। यह स्थिति डराने वाली है क्योंकि 2020 के बाद अक्टूबर महीने की यह सबसे प्रदूषित शुरुआत है। पिछले पांच दिनों से हवा की क्वालिटी लगातार गिर रही है, जिसने आम जनता की सांसें मुश्किल कर दी हैं।

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि एनसीआर के सैटेलाइट शहरों में भी हालात गंभीर हैं। गाजियाबाद, गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा रहा। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजियाबाद का AQI 317, गुरुग्राम का 292 और नोएडा का 266 तक पहुंच गया, जिससे ये शहर भारत के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि सर्दियों की दस्तक और पराली जलाने की वजह से हवा में जहर घुल रहा है, और 8 नवंबर को दिवाली के आसपास हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

प्रदूषण रोकने के लिए सरकार के सख्त कदम

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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। 1 अक्टूबर से संशोधित 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) लागू कर दिया गया है। सबसे बड़ा प्रहार उन वाहन मालिकों पर हुआ है जिन्होंने अपने वाहनों का प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं बनवाया है। पर्यावरण मंत्री मनिंदर सिंह सिरसा ने साफ किया है कि अब 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' (No PUCC, No Fuel) पॉलिसी सख्ती से लागू होगी। इसका मतलब है कि जिन गाड़ियों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह निगरानी 500 कैमरा लगे पेट्रोल पंपों के जरिए की जाएगी।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत कई कड़े फैसले लिए गए हैं:

  • BS6 मानक: 1 नवंबर से गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। प्राइवेट BS-IV वाहनों की एंट्री बंद होगी, जबकि कमर्शियल BS-IV वाहनों को 31 अक्टूबर तक की अस्थायी छूट दी गई है।
  • निर्माण कार्य पर रोक: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
  • इंडस्ट्री निगरानी: CAQM ने सभी उद्योगों के लिए 31 अक्टूबर तक फ्यूल स्टोरेज और चार्जिंग पॉइंट्स पर PTZ कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है।

हालांकि, इस पूरी लड़ाई में एक बड़ी चुनौती डेटा की कमी है। शोध बताते हैं कि प्रदूषण का सटीक पूर्वानुमान लगाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि दिल्ली के लिए 2018 और एनसीआर जिलों के लिए 2016 के पुराने उत्सर्जन डेटा का उपयोग किया जा रहा है, जो वर्तमान स्थिति के हिसाब से अपडेटेड नहीं है।

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