दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब, AQI स्तर में उतार-चढ़ाव जारी

दिल्ली एनसीआर में 17 अगस्त 2026 को हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई, क्योंकि दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में Air Quality Index (AQI) के स्तर में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। कुछ आंकड़ों में दिल्ली का AQI 362 दर्ज करते हुए 'Very Poor' श्रेणी में रखा गया, तो वहीं अन्य पैमानों पर यह रीडिंग 108 से 117 के बीच दर्ज की गई। इसके साथ ही, नोएडा और गाजियाबाद में AQI का स्तर मुख्य रूप से 'Poor' श्रेणी में रहा, जो आमतौर पर 120 से 130 के बीच दर्ज किया गया और इनमें PM2.5 और PM10 मुख्य प्रदूषक तत्व पाए गए।
विशेषज्ञों की चेतावनी और भविष्य के जोखिम
Health experts और पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि मानसून से मिलने वाली राहत के बीच वर्तमान वायुमंडलीय स्थितियां अस्थायी हैं। Prof. S.N. Mishra सहित अन्य प्रोफेशनल्स ने इस बात पर जोर दिया कि कम हवा की गति, आने वाले त्योहारी सीजन में होने वाला प्रदूषण और सर्दियों में तापमान में होने वाले बदलाव जैसी वजहों से हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आने का खतरा बना हुआ है। चूंकि भारत के राष्ट्रीय AQI मानक World Health Organization के दिशा-निर्देशों की तुलना में काफी ज्यादा लचीले हैं, इसलिए advocates द्वारा लोगों में अधिक public awareness बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और संवेदनशील समूहों के लिए सलाह
क्षेत्र में खराब air quality को लेकर सार्वजनिक चर्चा international stages तक पहुंच चुकी है, जहां हाल ही में डेनिश शटलर Anders Antonsen ने सर्दियों के महीनों में pollution की गंभीरता को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। जैसे-जैसे authorities स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, वैसे ही बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं से पीड़ित लोगों सहित सभी sensitive groups को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और air quality के स्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान बाहर लंबे समय तक रहने से बचें।