दिल्ली-NCR में AQI 307 पहुंचा, एक्सपर्ट्स ने DIY एयर प्यूरीफायर के 'जुगाड़' पर दी चेतावनी

दिल्ली-NCR में AQI 307 के साथ हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची। एक्सपर्ट्स ने AC को प्यूरीफायर बनाने वाले देसी जुगाड़ से बचने की सलाह दी है।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में AQI 307 पहुंचा, एक्सपर्ट्स ने DIY एयर प्यूरीफायर के 'जुगाड़' पर दी चेतावनी

दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। 2 नवंबर 2026 तक आधिकारिक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 307 दर्ज किया गया है, जिसने हवा को 'बहुत खराब' श्रेणी में डाल दिया है। हालत इतनी गंभीर है कि कुछ स्थानीय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर यह आंकड़ा 385 से 428 के बीच पहुँच गया है। हैरानी की बात यह है कि महज दो दिन पहले 30 अक्टूबर को बारिश के बाद AQI 60 (संतोषजनक) था और 31 अक्टूबर को यह 117 (मध्यम) था, लेकिन अब प्रदूषण ने तेजी से रफ्तार पकड़ ली है।

प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के बीच सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड चल रहा है, जिसमें लोग महंगे एयर प्यूरीफायर खरीदने के बजाय अपने सामान्य एयर कंडीशनर (AC) में HEPA फिल्टर लगाकर उन्हें 'देसी प्यूरीफायर' में बदल रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य और पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस DIY (Do-It-Yourself) तरीके को अपनाने वालों को आगाह किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही HEPA फिल्टर पीएम 2.5 कणों को रोकने में सक्षम होते हैं, लेकिन बिना सर्टिफिकेशन के किए गए ये बदलाव सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे अनप्रमाणित सेटअप पेशेवर प्यूरीफायर जैसी प्रभावशीलता और सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते।

प्रदूषण रोकने के लिए GRAP लागू, ऑफिसों में 50% उपस्थिति की सलाह

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बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को सक्रिय कर दिया है। इसके तहत कड़े कदम उठाए जा रहे हैं:

  • वाहनों पर पाबंदी: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक गैर-BS6 वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है।
  • सख्त चेकिंग: 1 नवंबर को ही अधिकारियों ने 14,000 से अधिक वाहनों और सैकड़ों निर्माण स्थलों की जांच की, जिसमें PUCC नियमों का उल्लंघन करने वालों के भारी चालान काटे गए।
  • वर्क फ्रॉम होम: ट्रैफिक और उससे होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों को सलाह दी गई है कि वे ऑफिस में फिजिकल अटेंडेंस को 50% तक सीमित रखें।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' के बीच बनी रहेगी और 4 नवंबर तक स्थिति और भी बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे प्रमाणित उपकरणों का ही उपयोग करें और बाहर जाने से बचें।

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