दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, यमुना नदी में उतरा सफेद जहरीला झाग

दिल्ली-NCR की हवा खतरनाक हुई और यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत जमी। GRAP-1 लागू कर दिया गया है।

Kittu Kumari24 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, यमुना नदी में उतरा सफेद जहरीला झाग

दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए प्रदूषण एक बार फिर बड़ी मुसीबत बनकर उभरा है। 23 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। हालत इतने खराब हैं कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही यमुना नदी की हालत भी चिंताजनक है, जहां कालिंदी कुंज और ओखला बैराज के पास नदी की सतह पर सफेद और जहरीले झाग की मोटी परत जम गई है।

AQI के आंकड़े और GRAP-1 का असर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रेटर नोएडा की स्थिति सबसे खराब रही, जहां AQI 346 तक पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। हैरान करने वाली बात यह है कि महज 15 घंटे पहले यहां AQI 219 था। नोएडा में भी औसत AQI 280 के पार चला गया, जिसमें सेक्टर-62 में यह 312 तक पहुंच गया। वहीं दिल्ली की बात करें तो अलीपुर में AQI 260 दर्ज किया गया और शहर का औसत 230 रहा, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है।

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प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू करने का आदेश दे दिया था। जानकारों का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, हवा की धीमी गति और अधिक नमी इस बदतर स्थिति की मुख्य वजह हैं। अनुमान है कि अगले नौ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में ही बनी रहेगी।

दूसरी ओर, यमुना नदी में दिखा जहरीला झाग आने वाले छठ पूजा के त्योहार से पहले बड़ी चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों और गोताखोरों के मुताबिक, झाग की यह परत 3 से 4 फीट तक गहरी हो गई है। यह समस्या पिछले 20 सालों से बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण बिना उपचार के नदी में बहाया जाने वाला सीवेज और औद्योगिक कचरा है।

इस गंभीर स्थिति के बीच दिल्ली सरकार ने नदी के पुनरुद्धार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नदी की सफाई के लिए लगभग 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं, जो आने वाले कुछ वर्षों में यमुना को साफ करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी।

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