दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का खतरनाक स्तर बढ़ा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम की हवा हुई बेहद खराब

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सितंबर 2026 के आखिरी हफ्तों में हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में हुई बारिश के रुकने के बाद प्रदूषण तेजी से बढ़ा है, जिससे ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 22 सितंबर 2026 तक के वायु गुणवत्ता के आंकड़ों से पता चला है कि कई क्षेत्रों में एक्यूआई (AQI) बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 330 दर्ज किया गया, जबकि नॉलेज पार्क-3 में यह 209 रहा। इसके अलावा, ग्रेटर नोएडा का कुल एक्यूआई 282 तक पहुंच गया, जिसमें पीएम10 (PM10) 125.33 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, पीएम2.5 (PM2.5) 188.33 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और कार्बन मोनोऑक्साइड 15.83 पीपीबी दर्ज की गई। गुरुग्राम में भी हालात खतरनाक बने हुए हैं, जहां एक्यूआई 253 तक पहुंच गया और इसमें पीएम10 115.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर, पीएम2.5 141 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड 15.5 पीपीबी दर्ज की गई।
सर्दियों की तैयारियों और सरकारी कदम
ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में प्रदूषण के ये स्थानीय स्तर पर बढ़े आंकड़े सामने आने से चिंता बढ़ गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा सर्दियों की तैयारियों के तहत कई कदम उठाए गए हैं। 3 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सितंबर 2026 से मार्च 2027 के लिए विंटर एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया। इसके तहत दिल्ली में औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण धूल और बायोमास जलाने की निगरानी के लिए 78 उप-मंडलीय और 256 वार्ड-स्तरीय टीमों को तैनात किया गया है। सरकार ने मार्च 2027 तक एक व्यापक जन जागरूकता अभियान भी शुरू किया है और नवंबर व दिसंबर के सर्दियों के महीनों में स्कूलों को खेल प्रतियोगिताओं का समय बदलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है और आने वाले दिनों में बारिश की कोई उम्मीद नहीं है।