दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: AQI पहुंचा खतरनाक स्तर पर, सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली और NCR के शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हुई। प्रशासन ने GRAP-1 लागू कर प्रदूषण रोकने के कड़े कदम उठाए हैं।

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। 29 अक्टूबर 2026 को दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली और NCR के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'खतरनाक' श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे आम लोगों का दम घुटने लगा है। दिल्ली में AQI 317 दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ में यह 318 रहा। वहीं आगरा और बहादुरगढ़ की स्थिति और भी खराब रही, जहां क्रमशः 326 और 321 का स्तर देखा गया।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण के स्रोत साल भर सक्रिय रहते हैं, लेकिन सर्दियों में हवा की धीमी गति और मौसम में बदलाव के कारण यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस संकट से निपटने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के पहले चरण (Stage 1) को लागू कर दिया था, जब AQI 244 पहुंचा था। इसके तहत सड़कों की मशीनीकृत सफाई, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे 25 उपाय शुरू किए गए हैं।
प्रदूषण रोकने के लिए सरकार का 'विंटर एक्शन प्लान'
दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक के लिए एक विस्तृत 'विंटर एक्शन प्लान' लागू किया है। इसके तहत 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी को सख्ती से लागू किया जा रहा है, ताकि बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को सड़क पर आने से रोका जा सके। आने वाले दिनों में पाबंदियां और सख्त होंगी; 1 नवंबर से गैर-BS-VI वाहनों का दिल्ली में प्रवेश वर्जित होगा। साथ ही, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच बाहरी निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रदूषण के कारणों पर चर्चा करते हुए एनवायरोकैटालिस्ट के सुनील दहिया ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा (करीब 20.4%) कचरा जलाने की वजह से है। वहीं अन्य विशेषज्ञों ने वाहनों के धुएं, सड़क की धूल, औद्योगिक गतिविधियों और पराली जलाने को मुख्य वजह बताया है।
स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति काफी डराने वाली है। फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के डॉ. पंकज छाबड़ा ने चेतावनी दी है कि खराब हवा बच्चों और दिल व फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए जानलेवा हो सकती है। उन्होंने लोगों को बाहर निकलने से बचने और घरों में HEPA एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि, अर्थ साइंसेज मंत्रालय के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच दिल्ली की हवा में कुछ सुधार होने की उम्मीद है और यह 'मध्यम' स्तर पर आ सकती है।