दिल्ली-NCR में हवा हुई जहरीली, GRAP-2 लागू होने से अब बढ़ेगी पार्किंग फीस और तंदूरों पर लगा बैन

दिल्ली-NCR में AQI 400 के पार, GRAP-2 लागू होने से अब पार्किंग फीस बढ़ेगी और तंदूरों पर लगा बैन। जानें क्या हैं नए नियम।

Kittu Kumari4 November 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में हवा हुई जहरीली, GRAP-2 लागू होने से अब बढ़ेगी पार्किंग फीस और तंदूरों पर लगा बैन

दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 4 नवंबर 2026 को सुबह 9:30 बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 379 दर्ज किया गया, जबकि पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मुंडका और रोहिणी जैसे इलाकों में यह 400 के पार निकल गया है। हवा की यह हालत देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण (Stage II) को लागू कर दिया है।

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि नोएडा, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ में भी हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व हवा में ही जमा हो रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। अनुमान है कि 5 नवंबर तक पीएम 2.5 के स्तर में पराली जलाने का योगदान 22 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

क्या हैं GRAP-2 के तहत नए प्रतिबंध?

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प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिनका असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ेगा:

  • पार्किंग फीस में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है।
  • तंदूर और कोयले पर रोक: होटलों और रेस्टोरेंट में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है, जिसमें तंदूर भी शामिल हैं।
  • सफाई अभियान: सड़कों पर धूल कम करने के लिए सघन रोड स्वीपिंग और डस्ट सप्रेसेंट के साथ पानी का छिड़काव बढ़ाया गया है।
  • वाहनों पर पाबंदी: 1 नवंबर से लागू विंटर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत नॉन-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक है (इलेक्ट्रिक और CNG वाहन छूट प्राप्त हैं)।
  • डीजल जनरेटर: डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर नियमों को और सख्त कर दिया गया है।

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, शुक्रवार 6 नवंबर तक हवा की स्थिति 'बहुत खराब' बनी रहेगी। वहीं, प्रशासन को डर है कि आने वाली दिवाली और पटाखों के इस्तेमाल से यह संकट और गहरा सकता है। शहर के निवासियों ने पहले ही सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं की शिकायत करना शुरू कर दिया है।

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