दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, GRAP-1 के तहत सख्ती: बाहरी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी

दिल्ली-NCR में AQI 311 तक पहुंचा। GRAP-1 लागू होने से तंदूर और डीजल जनरेटर पर लगी रोक, बाहरी वाहनों के लिए भी नए नियम।

Kittu Kumari30 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली, GRAP-1 के तहत सख्ती: बाहरी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 30 अक्टूबर 2026 को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 तक जा पहुंचा, जिसने हवा को 'गंभीर' श्रेणी में डाल दिया है। स्थिति इतनी चिंताजनक थी कि इससे पहले 21 अक्टूबर को AQI 244 दर्ज होने के बाद ही प्रशासन ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-1) के पहले चरण को लागू कर दिया था।

प्रदूषण के इस बढ़ते ग्राफ को देखते हुए अधिकारियों ने कड़े कदम उठाए हैं। अब होटलों और रेस्टोरेंट के तंदूरों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, गैर-जरूरी बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटरों के उपयोग को भी प्रतिबंधित किया गया है।

बाहरी वाहनों पर रोक और यूपी सरकार की कार्रवाई

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प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब दिल्ली के बाहर से आने वाले वे वाहन जो BS-VI मानक के नहीं हैं, उन्हें राजधानी में प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि, सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मोर्चा संभाल लिया है। यूपी में पराली जलाने के खिलाफ सख्त आदेश दिए गए हैं, फ्यूल स्टेशनों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं और प्रदूषण फैलाने वाली 21 औद्योगिक इकाइयों को बंद कर दिया गया है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। आंकड़ों की बात करें तो पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 2025 के मुकाबले 4% की मामूली कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण केवल मौसमी नहीं है, बल्कि साल भर चलने वाली समस्या है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जितेंद्र नगर के अनुसार, वाहनों का उत्सर्जन कुल प्रदूषण में करीब 21.3% का योगदान देता है।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि आदेशों का जमीन पर पालन होना चाहिए, ताकि उन्हें महज एक 'मजाक' न समझा जाए। राहत की बात यह है कि मौसम विभाग (IMD) ने बारिश और तेज हवाओं की भविष्यवाणी की है, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषकों के साफ होने की उम्मीद है।

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