दिल्ली में जल सुरक्षा पर नेशनल सिंपोजियम: जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की सख्त जरूरत

नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में देश के जल भविष्य और संसाधनों के स्थायी प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक National Symposium on Water का आयोजन किया गया। (Source: ANI) यह कार्यक्रम IndianPSU.com के तहत White Dolphin Media द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें पर्यावरणविदों, नीति निर्माताओं और इंडस्ट्री लीडर्स ने हिस्सा लिया ताकि संरक्षण के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को बढ़ावा दिया जा सके।
- नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जल सुरक्षा पर नेशनल सिंपोजियम आयोजित हुआ।
- 'वाटरमैन ऑफ इंडिया' डॉ. राजेंद्र सिंह ने जल को सामुदायिक संसाधन बताया।
- कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड के 'Coal Neer' प्रोग्राम जैसी पहलों पर प्रकाश डाला गया।
- बेहतर जल संरक्षण के योगदान के लिए नेशनल वाटर अवॉर्ड्स प्रदान किए गए।
विशेषज्ञों के विचार और सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और 'वाटरमैन ऑफ इंडिया' के रूप में प्रसिद्ध डॉ. राजेंद्र सिंह ने जोर दिया कि पानी एक सामुदायिक संसाधन है जिसे कमर्शियललाइजेशन के बजाय सामूहिक सार्वजनिक जिम्मेदारी के माध्यम से संरक्षित किया जाना चाहिए। इस आयोजन का उद्देश्य देश में पानी की स्थिति और उसके सुरक्षित भविष्य को लेकर गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था।
इनोवेटिव पहल और तकनीक का महत्व
सिंपोजियम के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड के 'Coal Neer' प्रोग्राम जैसी इनोवेटिव पहलों को रेखांकित किया गया, जो ट्रीटेड माइन वाटर को स्थानीय समुदायों के लिए सुरक्षित पेयजल आपूर्ति में बदलता है और महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी पैदा करता है। नेशनल मिशन फॉर Clean Ganga के डायरेक्टर जनरल असोक कुमार ने कहा कि स्थायी कृषि विकास के लिए आधुनिक तकनीक और सटीक डेटा का उपयोग करना बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों की राय और नेशनल वाटर अवॉर्ड्स
इस कार्यक्रम में इंदिरा खुराना और प्रो. राणा प्रताप सिंह जैसे विशेषज्ञों के विचार भी शामिल किए गए। अंत में, देश भर में जल संरक्षण के प्रयासों में महत्वपूर्ण व्यक्तिगत योगदान को सम्मानित करने के लिए नेशनल वाटर अवॉर्ड्स प्रदान किए गए।