दिल्ली-मुंबई रेल रूट पर पेट्रोलियम ट्रेन के वैगन में लगी आग, मची अफरा-तफरी

दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर पर उस समय हड़कंप मच गया जब पेट्रोलियम उत्पाद ले जा रही एक मालगाड़ी के वैगन में आग लगने की खबर सामने आई। इस घटना ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों और जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, 15 अक्टूबर 2026 को इस घटना की खबरें तेजी से फैलीं, लेकिन 18 अक्टूबर तक आधिकारिक तौर पर किसी नई बड़ी घटना की पुष्टि नहीं हो पाई है।
सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है यह रूट
यह पहली बार नहीं है जब इस रूट पर इस तरह की खतरनाक घटनाएं हुई हों। इससे पहले 4 अक्टूबर 2024 को रतलाम के पास पेट्रोलियम ले जा रही एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिससे तेल रिसाव शुरू हो गया था। उस समय डीआरएम रजनीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला था और यह भी जांचा गया था कि कहीं यह किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं था। गनीमत रही कि उस हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन रेल यातायात काफी प्रभावित हुआ था।
इसके अलावा, 17 मई 2026 को भी एक बड़ा हादसा टला था जब तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के दो कोचों में रतलाम के पास आग लग गई थी। उस समय ट्रेन में सवार सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इस घटना के बाद रतलाम रेल मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार और कोटा मंडल के एडीआरएम लकीत कुमार धुरिंदर ने राहत कार्यों का नेतृत्व किया था। भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा जांच शुरू की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।