दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही पत्थरबाजी, सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हथियारबंद जवान

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पत्थरबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह घटनाएं मध्य प्रदेश के रतलाम और झाबुआ जिलों से गुजरने वाले हिस्सों में ज्यादा हो रही हैं। 23 सितंबर 2026 को पुलिस और एनएचएआई अधिकारियों के बीच बैठक के बाद भी 24 सितंबर की सुबह नए हमले दर्ज किए गए। एक घटना में ट्रक का शीशा टूट गया जिसके बाद अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 24 सितंबर को ही गुजरात की एक कार का कांच भी फेंककर तोड़ा गया। ट्रक ड्राइवर नीलेश ने पहाड़ी पर युवकों द्वारा पत्थर फेंकने का वीडियो भी बनाया। इस बीच पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरनाक हो गया है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए अधिकारियों ने 21 सितंबर 2026 को एक कार्ययोजना बनाई है। इस योजना में संयुक्त गश्त, संवेदनशील जगहों पर हथियारबंद बलों की तैनाती और थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल शामिल है। माही नदी पुल के पास 10 से 15 किलोमीटर के हिस्से को विशेष निगरानी क्षेत्र बनाया गया है। संदिग्धों की पहचान के लिए गांवों में जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। राजस्थान के अलवर और दौसा जिलों में स्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।
सड़क परिवहन मंत्री की समीक्षा और हेल्पलाइन
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जुलाई 2026 में सुरक्षा की समीक्षा की थी। मुसीबत में फंसे यात्रियों को एनएचएआई के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क करने या मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित न होने पर मुआवजा देने के सुझाव भी दिए गए हैं।