दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: फरीदाबाद में 150 करोड़ के ग्रीन बेल्ट पर मलबे का कब्जा
फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 150 करोड़ के ग्रीन बेल्ट में अवैध रूप से मलबा फेंका गया, जिससे पर्यावरण को खतरा पैदा हो गया है।

फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए गए शानदार ग्रीन बेल्ट के लिए खतरे की घंटी बज गई है। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस पर्यावरण क्षेत्र में अवैध रूप से निर्माण मलबे (Construction Debris) को फेंका जा रहा है। इस लापरवाही की वजह से न केवल इस प्रोजेक्ट की खूबसूरती खराब हो रही है, बल्कि वहां लगाए गए पौधों और वनस्पतियों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है।
स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च कर बनाए गए ग्रीन बेल्ट की निगरानी में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा है। अगर समय रहते इस मलबे को नहीं हटाया गया, तो करोड़ों की लागत से तैयार यह हरित पट्टी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। नाराज नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि मलबे को तुरंत हटाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
HSVP ने दिया जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। प्राधिकरण ने जनता को आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की औपचारिक जांच की जाएगी। HSVP ने प्रतिबद्धता जताई है कि ग्रीन बेल्ट की सुरक्षा और उसकी अखंडता को बनाए रखने के लिए साइट से जल्द से जल्द निर्माण कचरे को साफ किया जाएगा।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि प्रशासन कब तक इस मलबे को हटाता है और उन लोगों पर क्या कार्रवाई करता है जिन्होंने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इस संरक्षित क्षेत्र को डंपिंग ग्राउंड बना दिया।