दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का कमाल: अलवर और सरिस्का में प्रॉपर्टी की बढ़ी डिमांड

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे अब सिर्फ सफर को आसान नहीं बना रहा, बल्कि यह रियल एस्टेट की दुनिया में निवेश के नए रास्ते भी खोल रहा है। खासकर सोहना से दौसा तक के हिस्से ने अलवर और सरिस्का के इलाकों की तस्वीर बदल दी है। अब निवेशक, डेवलपर्स और दूसरे घर (सेकंड होम) खरीदने की चाह रखने वाले लोग इन क्षेत्रों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे रियल एस्टेट के इस नए ट्रेंड ने गुरुग्राम और एनसीआर के लोगों के लिए इन इलाकों को वीकेंड गेटवे और लंबी अवधि के प्रवास के लिए एक बेहतरीन विकल्प बना दिया है।
इस कॉरिडोर में अब जमीन आधारित प्रोजेक्ट्स पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। लोग अब यहां फार्महाउस, मैनेज्ड कम्युनिटीज, रिसॉर्ट्स और वेकेशन होम्स में निवेश कर रहे हैं। जेएमएस ग्रुप के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह के मुताबिक, यह क्षेत्र तेजी से एक प्रॉपर्टी हॉटस्पॉट में बदल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जैसे-जैसे एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू होगा, यहां जमीनों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिलेगा।
इन माइक्रो-मार्केट्स में दिख रही है सबसे ज्यादा तेजी
अगर बारीकियों पर नजर डालें तो गोविंदगढ़ और नौगांव जैसे छोटे बाजार अब बड़े निवेश केंद्र बन रहे हैं। गोविंदगढ़ मुख्य रूप से लॉन्ग-टर्म फार्महाउस निवेश के लिए जाना जा रहा है, वहीं नौगांव हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) की पहली पसंद बन रहा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि नौगांव भिवाड़ी, नीमराना, तिजारा, कोटपुतली और अलवर के रीको (RIICO) व एमआईए (MIA) जैसे औद्योगिक केंद्रों के काफी करीब है।
इस तेजी के पीछे केवल सड़क ही नहीं, बल्कि अन्य कारण भी हैं। वन्यजीव पर्यटन (Wildlife Tourism) और राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी 2024 ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, क्योंकि इस पॉलिसी में फार्महाउस और रिसॉर्ट स्कीमों की जरूरतों को स्पष्ट किया गया है।
सफर की बात करें तो सोहना-दौसा-सवाई माधोपुर सेक्शन 12 फरवरी 2023 से चालू है, जबकि दौसा-कोटा विस्तार 2026 में शुरू हुआ। अधिकारियों का अनुमान है कि अक्टूबर 2025 तक पूरा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में विकास की रफ्तार और बढ़ेगी।